बड़ों ने दिया छोटों को आशीर्वाद, जगत देव तालाब तट पर उमड़ी भीड़
सतना। परंपरा और लोक महत्व के साथ भाई चारे और सौहार्द के लिए पहचाना जाने वाला पर्व कजलियां पर्व शहर में कई इलाकों में धूमधाम के साथ मनाया गया। सभी नें कानों में कजलियां लगाकर बड़ो नें छोटों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया। विन्ध्य क्षेत्र के इस खास त्योहार को सभी वर्गों ने उत्साह के साथ मनाया। ज्ञात हो कि कजलियां पर्व रक्षाबंधन के दूसरे दिवस मनाया जाता है। लोग कजलियां यानी जवारे हांथ में लेकर अपने परिजनों व सर्व समाज के लोगों और संबंधियों को भेंट कर शुभ कामनाओं के साथ सुखद भविष्य की कामना की गयी। रक्षा बंधन पर्व के दूसरे दिन ही सोमवार को कजलियों का पर्व मनाया गया। इस पर्व में ग्रामीण लोग ग्राम शाम के समय एक साथ एकत्र हो करीब एक सप्ताह पूर्व बोई गई कजलियों के साथ एकत्र हो नदी में विसर्जन किया और फि र देवताओं को चढ़ाकर एक दूसरे को दे कर गले मिले।
जगतदेव तालाब एवं नारायण तालाब में विसर्जन
शहर के टिकुरिया टोला, बजराहा टोला, नई बस्ती समेत निचली बस्ती के लोगों ने शहर के प्रमुख मार्गों से सिर में कजलियां लेकर लोक गीतों के साथ शहर के प्रमुख तालाबों में कजलियां का विसर्जन किया गया। शहर के जगतदेव तालाब में शहर का भ्रमण कर सिर पर कजलियां लेकर आई महिलाओं ने कजलियों का विसर्जन कर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृध्दि का आशीर्वाद लिया। हवाई पट्टी के पास महिलाओं ने पूजा अर्चना कर कजलियां की पूजा अर्चना कर एक दूसरे को शुभ कामनाएं दी गयी।
कौमी एकता कमेटी का कजलियां मिलन सम्पन्न
कौमी एकता कमेटी व्दारा कजलियां मिलन कार्यक्रम कमेटी के पुष्पराज कालोनी स्थित कार्यालय आनंद सर में सद्भाव भाई-चारे के साथ सौहार्द पूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। जहां सबने एक दूसरे को कजलियां देकर शुभकामनाएं दी और सबकी सुख -समृध्दि एवं अमन चैन की कामना की। इस अवसर पर कमेटी के जिलाध्यक्ष विजय रिझवानी ने कहा कि हमारे सभी धार्मिक पर्व राष्ट्रीय एवं सामाजिक एकता के आधार है जो हमें भेदभाव से परे एकसूत्र में पिरोते हैं। इस अवसर पर बलविंदर सिंह, राजकुमार सोनी, आज्ञा सिंह आदि उपस्थित रहे।