सतना

विंध्य क्षेत्र में पड़ रही कश्मीर जैसे ठंड, शीतलहर से घरों में दुबके लोग

एमपी का कश्मीर बना विंध्य: शीतलहर का कहर जारी, ठिठुरन से अभी राहत नहीं
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Updated: 8 Jan 2018, 5:00 PM IST
Kashmirs cold As in Vindhya region
Kashmirs cold As in Vindhya region

सतना। वर्ष 2018 में विंध्य क्षेत्र ठंड के मामले में प्रदेश में सबसे आगे है। रविवार की रात और सोमवार की सुबह भी लगातार आठवों दिन विंध्य के जिले प्रदेश में सबसे ठंडे रहे। रविवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रीवा में दर्ज किया गया। जमा देने वाली ठंड से जूझ रहे पन्ना जिले के तापमान में तीन डिग्री की वृद्धि से यहां लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। लेकिन, रात में शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से लोगों को सर्दी के सितम से कोई राहत नहीं मिल रही।

एक सप्ताह से चल रही बर्फीली हवाओं के कारण विंध्यवासियों को कश्मीर जैसी ठिठुरन भरी सर्दी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार जारी ठंड की मार से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कंपकंपा रही ठंड से बचने के लिए लोग शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं। सुबह जमा देने वाली ठंड के कारण लोग घर से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। सुबह आठ बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। ठंड की मार ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है।

दिन में थोड़ी राहत
सर्दी की मार झेल रहे रीवा संभाग में अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि से दिन में ठंड से कुछ राहत मिली है। शनिवार को जिले में कोहरे का असर कम रहा। इससे चटक धूप निकली। दोपहर में तेज धूप के कारण मौसम सामान्य रहा। लोग दिनभर घरों के बाहर गुनगुनी धूप संेकते नजर आए। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम करवट ले रहा है। रीवा संभाग में भी न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी।

रात का पारा 6 डिग्री नीचे
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है, अधिकांश जिलों में रात का तापमान सामान्य से 6 डिग्री नीचे दर्ज हो रहा है। इससे अगले तीन से चार दिन विंध्यवासियों को हाड़कंपाती ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। हालांकि अधिकतम तापमान में वृद्धि से दिन में लोगों को ठंड से कुछ राहत जरूर मिलेगी। न्यूनतम तापमान में गिरावट के बाद दिन में मौसम खुलने से अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई।

रेल यातायात में ठंड का असर
ठंड का असर सड़क एवं रेल यातायात पर दिखाई दिया। उत्तर से आने वाली ट्रेनें 6 से 12 घंटे की देरी से सतना पहुंचीं। दोपहर में कुछ समय के लिए धूप निकली तो लोगों को राहत मिली। हालांकि शाम होते ही हवाओं ने जिले को अपने आगोश में ले लिया। रात में गला देने वाली सर्दी का सामना करना पड़ा।

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