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MP में एक भी दिव्यांग को नहीं मिला CM का प्रोत्साहन, नि:शक्त शिक्षा योजना पूरी तरह फ्लॉप

मोट्रेट ट्रायसिकल और लैपटॉप दिया जाना था, सतना जिले के 218 विद्यार्थियों सहित प्रदेशभर में 6899 दिव्यांग छात्र शिक्षा पोर्टल पर दर्ज हैं।
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सतना

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Suresh Mishra

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Updated: 8 Jan 2018, 12:59 PM IST

Story of MP Chief Ministers Free Education Incentive Scheme

Story of MP Chief Ministers Free Education Incentive Scheme

रमाशंकर शर्मा @ सतना। शासन द्वारा नि:शक्त विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री नि:शक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है। सतना जिले के 218 विद्यार्थियों सहित प्रदेशभर में 6899 दिव्यांग छात्र शिक्षा पोर्टल पर दर्ज हैं। लेकिन, एक भी पात्र विद्यार्थी को लाभ नहीं दिया गया है। योजना के तहत लैपटॉप एवं मोट्रेट ट्रायसिकल दी जानी थी।

विकलांग विद्यार्थियों के लिए योजना का शुभारंभ करते हुए सीएम ने कहा था कि ऐसे नि:शक्त विद्यार्थी जो दोनों पैरों से चलने में सक्षम नहीं हैं उनके लिए शैक्षणिक संस्थाओं तक पहुंच बाधारहित तथा सुगम बनाने के लिए सामाजिक न्याय विभाग द्वारा मोट्रेट ट्रायसिकल दी जाएगी।

पृथक से पंजीयन की व्यवस्था

इन छात्रों को लैपटॉप तथा सहायक उपकरण भी दिए जाएंगे। इनके लिए स्पर्श पोर्टल में पृथक से पंजीयन की व्यवस्था भी दी गई थी। इस आधार पर पूरे प्रदेश से कक्षा 9वीं के 1689 तथा 12वीं के 5210 विद्यार्थियों ने अपना पंजीयन कराया था।

योजना का लाभ नहीं दिया

इसमें सतना जिले से कक्षा 9वीं के 174 तथा 12वीं के 44 विद्यार्थी कुल 218 दिव्यांग विद्यार्थी शामिल थे। लेकिन विभाग ने कोई रुचि नहीं ली और एक भी विद्यार्थी को योजना का लाभ नहीं दिया गया। यह स्थिति तब है जब शैक्षणिक सत्र समाप्ति को कुछ माह ही बचे हैं।

ऑनलाइन मंगाए गए थे आवेदन

दिव्यांग पात्र विद्यार्थियों से स्पर्श पोर्टल www.sprarsh.mp.gov.in पर ऑन लाइन आवेदन मंगाए गए थे। सामाजिक न्याय विभाग अंतर्गत विद्यार्थियों से आवेदन पत्र में समग्र कोड के साथ स्कूल का कोड भी अंकित करवाया गया था। लेकिन फार्म भरे जाने और पात्रता तय होने के बाद विभाग इन आवेदनों को भूल गया। इस संबंध में किसी भी जिले से कोई पूछ परख संबंधित अधिकारियों ने नहीं की।

यह थी पात्रता
- नि:शक्त विद्यार्थी को मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक।
- अस्थिबाधित श्रेणी के विद्यार्थी को गत परीक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक मिले हों।

- अन्य श्रेणी के नि:शक्तजनों ने 50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल, महाविद्यालय अथवा पोलीटेक्निक हेतु नियमित विद्यार्थी के रूप में प्रवेश लिया हो।
- आवेदक के पास चिकित्सकों द्वारा जारी प्रमाण-पत्र होना भी अनिवार्य।

अब बता रहे खेदजनक
आयुक्त समाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन अशोक शाह ने अब तक किसी भी दिव्यांग छात्र को योजना का लाभ नहीं दिए जाने की स्थिति को खेदजनक बताया है। बताया कि कलेक्टरों को कहा गया है कि पोर्टल पर दर्ज पात्र हितग्राही दिव्यांग विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित करें।

यह है संभाग की स्थिति
- सतना 174 44 218
- रीवा 133 54 187
- सीधी 115 30 145
- सिंगरौली 51 19 70

मामले को दिखवाया जाएगा। सामाजिक न्याय विभाग से पूरी जानकारी लेकर पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिलाने तत्काल कदम उठाए जाएंगे।
मुकेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर

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