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स्कूल प्रबंधन ने नहीं सुनी बात तो छात्रों ने की तालाबंदी, जानिए वजह

छात्रों के आंदोलन के बाद स्कूल में लगा गेट, बाउंड्रीवॉल को लेकर विवाद अभी कायम

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After Students Strike Felt gate in school

After Students Strike Felt gate in school

सतना. करसरा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अराजकतत्वों से परेशान होकर विगत दिवस विद्यार्थियों ने जब स्कूल कार्यालय में तालाबंदी करने के साथ कक्षाओं का बहिष्कार किया तब जाकर जिम्मेदारों की नींद खुली।
वर्षों से लंबित बाउंड्रीवाल बनाने और चहारदीवारी का काम अतिक्रामकों के कारण नहीं हो पा रहा था और तहसीलदार भी सीमांकन में रुचि नहीं ले रहे थे। लेकिन छात्र आंदोलन का नतीजा यह हुआ कि अब तहसीलदार ने पहुंच कर गेट का काम शुरू करवा दिया है। हालांकि यहां अभी भी चहारदीवारी का काम शुरू नहीं हो सका है।
जानकारी के अनुसार छात्र आंदोलन के बाद तहसीलदार रघुराजनगर 3 जनवरी को मौके पर पहुंच कर स्थितियों का जायजा लिया। इसके बाद यहां गेट लगाने के स्थल चयन करने के बाद विद्यालय के प्राचार्य ने यहां गेट लगाने का काम प्रारंभ कर दिया है। लेकिन अभी भी यहां चहारदीवारी का काम विवाद में फंसा हुआ है। तहसीलदार ने इस मसले पर कोई स्पष्ट स्थिति नहीं बताई है और न ही दिये गये समय के अनुसार अगले दिन मौके पर पहुंचे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर विद्यालय की सरकारी जमीन में संतोष उरमलिया द्वारा जबरन कब्जा किया गया है और वहीं हमेशा विवाद की स्थिति पैदा करता रहता है। जिससे चहारदीवारी नहीं बन पा रही है।


उपेंद्र की पहल
मामले में ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में दिल्ली में मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रहे करसरा मूल के निवासी उपेन्द्र शुक्ला ने काफी पहल की। जब वे गांव आये तो उन्हें स्कूल की दुर्दशा की जानकारी मिली तो उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से पहल की।


... तो होगा फिर आंदोलन
उधर विद्यालय के छात्रों का कहना है कि अभी तो गेट बनने का काम जारी है। लेकिन बाउण्ड्री नहीं बनती है तो स्थिति वैसी ही रहेगी। बाहरी असामाजिक तत्वों का आना जाना बना रहेगा। इसलिये अगर यहां बाउण्ड्री नहीं बनती है तो फिर से आंदोलन किया जायेगा। हालांकि विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यदि यहां पक्की चहारदीवारी नहीं बनती है तो यहां विवाद का निपटारा होने तक जाली लगाकर स्कूल परिसर सुरक्षित किया जाएगा।