
सतना। केंद्रीयकृत रेफरल सेवा की ठेका कंपनी की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही। स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार सीएमएचओ, सीएस, नोडल अधिकारी भी अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। मनमानी का आलम यह है कि ठेका होने के डेढ़ साल बाद भी जिला अस्पताल परिसर में एएलएस 108 एम्बुलेंस की तैनाती नहीं की गई है। जिलेभर में खटारा जननी एक्सप्रेस वाहन दौड़ रहे हैं जो आए दिन रास्ते में खराब हो जाते हैं। लापरवाही का खामियाजा पीडि़तों को भुगतना पड़ रहा है।
दरअसल, संचालनालय स्वास्थ्य सेवा ने रोगियों की सुविधा के लिए ठेकाकंपनी जिज्ञित्सा हेल्थ केयर को एएलएस 108 एम्बुलेंस की तैनाती जिला अस्पताल परिसर में करने निर्देशित किया था। लेकिन, निर्देशों को ताक पर रख दिया गया गया है। कंपनी मनचाही जगह पर वाहनों के प्वॉइंट बनाए हुए है। इससे रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मिलीभगत के चलते कार्रवाई नहीं
गर्भवती और प्रसूताओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए कंडम जननी एक्सप्रेस वाहन तैनात किए गए हैं। वाहनों के मेंटीनेंस में भी लापरवाही की जा रही है। इसकी वजह से वाहन रास्ते में ही खराब हो जाते हैं। खामियाजा रोगियों को भुगतना पड़ रहा है। एेसा ही एक मामला बीते दिनों रीवा रोड पर सामने आया था। जब प्रसूता को जननी खराब होने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा था। वाहनों की तैनाती में ठेकाद्वारा जमकर लापरवाही की जा रही है।
किराए के वाहन में जाना मजबूरी
अस्पताल से रेफर होने वाले रोगियों को समय पर वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। इससे रोगियों को किराए के वाहन से जाना पड़ रहा है। एेसे मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। जिम्मेदार ठेका कंपनी से मिलीभगत के चलते कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। केंद्रीयकृत रेफर सेवा की निगरानी के लिए सीएमएचओ दफ्तर में पदस्थ गीता मिश्रा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी को हर माह रिपोर्टिंग करने भी निर्देशित किया गया है। पर दफ्तर में बैठकर निगरानी करने से सही रिपोर्टिंग नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीज परेशान होते हैं।