सतना

देखते ही देखते आग में समा गया कारोबार, रेग्जीन कारखाने से उठा धुआं, सतना में हड़कंप

Shops Burnt : खेरमाई रोड पर आधी रात जया रेग्जीन कारखाने में भीषण आग लगने से दो दुकानें और गोदाम जलकर खाक हो गए। आग पड़ोस की फर्नीचर दुकान तक पहुंच गई। दमकल की 8 से अधिक गाड़ियां और विशेष फोम की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया।
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Updated: 7 Nov 2026, 10:57 AM IST
Shops Burnt
रेग्जीन कारखाने समेत दो दुकानों में भीषण आग (फोटो सोर्स: Patrika)

Satna News :मध्य प्रदेश के सतना शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में शुमार खेरमाई रोड शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी से गूंज उठी। यहां स्थित जया रेग्जीन नाम के कारखाने और गोदाम में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने रौद्र रूप धारण कर लिया और काले धुएं का गुबार आसमान छूने लगा। प्लास्टिक और रेग्जीन की मौजूदगी के कारण आग के गोले पूरी दो मंजिला इमारत को अपनी आगोश में ले चुके थे, जिससे आसपास के पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

11 बजे बंद हुई थी दुकान और रात को आई खबर

मिली जानकारी के अनुसार, व्यापारी सुरेश खिलवानी खेरमाई रोड पर फर्नीचर संबंधी रेग्जीन का कारखाना और दुकान संचालित करते हैं। वह रोजाना की तरह रात लगभग 11 बजे अपनी दुकान पूरी तरह से बंद करके घर चले गए थे। इसके करीब एक घंटे बाद, यानी रात 12 बजे के आसपास दुकान के भीतर से अचानक आग भड़क उठी। जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक आग की लपटें बाहर की ओर फटने लगीं। पड़ोसियों ने जैसे ही दुकान से धुएं और आग के विकराल गुबार निकलते देखे, तुरंत संचालक सुरेश सिंधी, पुलिस कंट्रोल रूम और फायर ब्रिगेड को सूचित किया।

50 फीट चौड़ी दुकान और ऊपर बना गोदाम बना राख का ढेर

प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, जया रेग्जीन की दुकान लगभग 30 बाई 50 वर्ग फीट के बड़े दायरे में फैली हुई है, जिसके ऊपरी मंजिल पर विशाल गोदाम बना हुआ है। रेग्जीन और फॉर्म जैसी तेजी से जलने वाली सामग्रियों की वजह से आग ने चंद मिनटों में ही भयावह रूप ले लिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब आग की लपटें तेजी से फैलते हुए बगल में स्थित मनीष फर्नीचर की दुकान तक पहुंच गईं और उसे भी अपनी जद में ले लिया।

बिरला से मंगवाया फोम, पुलिस-प्रशासन के फूले हाथ-पांव

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। नगर निगम की आधा दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। लेकिन रेग्जीन और प्लास्टिक की वजह से पानी का कोई खास असर नहीं हो रहा था। आग की भयावहता को देखते हुए प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में बिड़ला सीमेंट कंपनी से विशेष फोम मंगवाया गया ताकि केमिकल/प्लास्टिक की आग पर काबू पाया जा सके।

शटर तोड़कर बुझाने का प्रयास, खाली कराई गईं आसपास की दुकानें

मौके की आग को देखते हुए एसडीएम सिटी राहुल सिलाड़िया, सीएसपी मनीष त्रिपाठी, कोतवाली टीआई हेमंत शर्मा, सिविल लाइन टीआई प्रीति विश्वकर्मा भारी पुलिस बल के साथ मोर्चे पर डटे रहे। पुलिस टीम ने दुकान की शटर तोड़कर भीतर पानी और फोम डालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन संकरे रास्ते और अगल-बगल से जगह न होने के कारण फायर टीम को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की बिजली बंद कराकर आसपास की अन्य दुकानों को खाली करा लिया गया है। रात 1 बजे तक 8 से अधिक दमकलें आग बुझाने में जुटी रहीं, पर आग पूरी तरह से बेकाबू बनी रही।

Updated on:
7 Nov 2026, 10:57 AM IST
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