सतना

हाउसिंग बोर्ड की मनमानी: 14 लाख के मकान के लिए थमा रहे 25 लाख का नोटिस, यहां पढ़ें पूरा मामला

कार्य विलंब होने से प्रोजेक्ट लागत बढ़ी, उपभोक्ता पर फोड़ रहे अपनी लापरवाही का ठीकरा
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Jul 08, 2018
Kripalpur Basant Vihar Housing board colony news in hindi
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सतना। हाउसिंग बोर्ड की मनमानी का खामियाजा उपभोक्ता झेल रहे हैं। जिस मकान की कीमत 14.40 लाख बताकर बिक्री का अनुबंध किया गया था अब उसके लिए 25.50 लाख रुपए की मांग की जा रही है। इसके लिए बकायदा नोटिस तक जारी की गई है। ऐसा किसी एक या दो उपभोक्ता के साथ नहीं, बल्कि करीब 46 ग्राहकों के साथ हुआ है। अब ग्राहक खुद को छला महसूस कर रहे हैं। मामले की शिकायत आला अधिकारियों से की गई है।

बताया गया, 2012 में कृपालपुर में बसंत विहार नाम से हाउसिंग बोर्ड ने कॉलोनी विकसित करना शुरू किया था। यहां 46 एमआइजी सीनियर मकान बनाने थे। इसके लिए उस समय अनुमानित कीमत 14.40 लाख बताई गई थी। अखबारों में विज्ञापन दिया गया था।18 माह में निर्माण पूरा कर उपभोक्ताओं को मकान सौंपने की बात की गई थी।

इसके लिए बकायदा अनुबंध तक किया गया, लेकिन हाउसिंग बोर्ड द्वारा शुरू से लापरवाही बरती गई। शुरुआती दौर में काम शुरू नहीं हुआ। इसके चलते उपभोक्ताओं को डेढ़ साल के अंदर मकान नहीं मिल सके। आज 6 साल बाद भी उपभोक्ता अपने मकान के लिए भटक रहे हैं। अब 14.40 लाख मकान के लिए हाउसिंग बोर्ड ने 25.50 लाख का नोटिस थमा दिया है।

लापरवाही ठेकेदार व विभाग की
मामले में शुरू से लापरवाही विभाग व ठेकेदार करते रहे। इससे प्रोजेक्ट विलंब होता चला गया और लागत बढ़ती गई। अब इनकी मनमानी का खमियाजा उपभोक्ता भुगत रहा है। जबकि, प्रोजेक्ट विलंब होने से ठेकेदार पर अर्थदंड लगना चाहिए और विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया, उल्टा उपभोक्ताओं पर भार डाल दिया गया।

शिकायत के बाद भी चुप्पी
जब उपभोक्ताओं को दोगुनी बढ़ी कीमत का नोटिस दिया गया तो इसको लेकर सतना व रीवा कार्यालय में शिकायत की गई, लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे बैठे रहे। उसके बाद उपभोक्ताओं ने सीएम हाउस व पीएमओ को भी शिकायत की है।

बोलने को तैयार नहीं
इस संबंध में विभागीय अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। वे कोई बयान अधिकृत रूप से देना नहीं चाहते हैं। माना जा रहा कि शीर्ष अधिकारियों के दबाव में पूरा खेल हुआ है। लिहाजा, स्थानीय अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।

Published on:
08 Jul 2018 11:50 am