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रामायण की भविष्यवाणी हो रही सच, आग, बीमारी और दुश्मन को कभी न समझें छोटा, नहीं तो…

रामायण की भविष्यवाणी हो रही सच, आग, बीमारी और दुश्मन को कभी न समझें छोटा, नहीं तो...

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सतना

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Suresh Mishra

Jul 07, 2018

ramayan ke shlok in sanskrit

ramayan ke shlok in sanskrit

सतना। मानव जीवन में छोटी-छोटी बातों को नजर अंदाज करना कभी-कभी भारी पड़ जाता है है। इस बात का प्रमाण श्रीरामचरितमानस के अरण्यकांड में मिल चुका है। उस समय शूर्पणखा भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण द्वारा नाक, कान काटे जाने के बाद अपने भाई रावण के पास पहुंची। बहन के नाक, कान कटने से रावण आक्रोशित हो गया। तुरंत लक्ष्मण को बध कर देने की बात कही।

फिर बहन शूर्पणखा ने भाई को समझाया कि जीवन में 6 चीजों को कभी छोटा यानी कमजोर नहीं समझना चाहिए। ये भविष्य में यानी जानें अनजानें में भी नुकसान पहुंचा सकती है। फिर बाद में हुआ वही रावण ने सीता का अपहरण कर भगवान राम से दुश्मनी मोड़ ली और उसका अंत हो गया। यहां MP.PATRIKA.COM उन्हीं 6 बातों को बता रहा है। जिनसे सावधान रहने की जरूरत है।


सोरठा
-रिपु रुज पावक पाप प्रभु अहि गनिअ न छोट करि।
-अस कहि बिबिध बिलाप करि लागी रोदन करन।।

अर्थात- शत्रु, रोग, अग्नि, पाप, स्वामी और सर्प को छोटा नहीं समझना चाहिए। ऐसा कहकर शूर्पणखा अनेक प्रकार से विलाप करके रोने लगी।

1. शत्रु यानी दुश्मन
दुश्मन भले ही कितना भी छोटा क्यों न हो, लेकिन उससे हमेशा सावधान रहना चाहिए। कई बार छोटे दुश्मन भी इतना बड़ा नुकसान कर देते हैं, जो बड़े दुश्मन भी नहीं कर सकते। जिसके कारण बाद में पछताना पड़ता है। फिर बाद में धन-धान्य दोनों की छति होती है। समाज में नाम खराब होता है।

2. पाप यानी बुरे काम
कई बार मनुष्य सब कुछ जानकर भी छोटे-छोटे गलत काम करते हैं। इन कामों से प्राप्त होने वाला पाप भी कम ही होता है, लेकिन जब इन छोटे-छोटे पाप कर्मों का फल एकत्रित हो जाता है तो इसकी भयानक सजा मिलती है। इसलिए पाप कर्म भले ही छोटा है, लेकिन करने से बचना चाहिए।

3. स्वामी यानी मालिक
मालिक को कभी भी छोटा नहीं समझना चाहिए। क्योंकि अगर मालिक नाराज हो जाए तो वह आपका बड़ा नुकसान कर सकता है। मालिक को जब भी मौका मिलेगा, वह आपका नुकसान करने से नहीं चूकेगा। इसलिए मालिक को कभी छोटा यानी कमजोर नहीं समझना चाहिए।

4. रोग यानी बीमारी
छोटी से छोटी बीमारी को भी कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सर्दी, जुकाम या बुखार आदि भले ही साधारण लगते हो, लेकिन जब यह बढ़ जाते हैं तो शरीर को खोखला कर देते हैं। कभी-कभी बड़ी दुर्घटना का रूप ले लेते है। यहां तक की जान भी गवांनी पड़ जाती है। इसलिए रोगों से सावधान रहे।

5. अग्नि
आग का सबसे छोटा रूप एक चिंगारी होती है, लेकिन जब यह विकराल रूप ले लेती है तो इस पर नियंत्रण पाना किसी के बस में नहीं होता। ये कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। फिर न तो फायर बिग्रेड काम देता है न पानी। आग की चिंगारी बड़ती ही जाती है। इसलिए आग से सतर्क रहे।

6. सांप
सांप दिखने में भले ही कितना भी छोटा क्यों न हो, लेकिन यदि वह एक बार काट ले तो किसी की भी मृत्यु का कारण बन सकता है। इसलिए सांप को कभी छोटा (कमजोर) नहीं समझना चाहिए। सांप से दुश्मनी करना मौत का कारण ही बनता है। इनके अंदर बदले की भावना होती है।