
satna one stop centre bheji gai ladki pregnant
सतना। बाजार क्षेत्र में लावारिस घूमते मिली नाबालिग लड़की जब चाइल्ड लाइन की मदद से नारी निकेतन के वन स्टॉप सेंटर पहुंची तो हैरान करने वाली बात सामने आई। जब किशोरी ने बताया कि चार माह से उसे मासिक धर्म नहीं आया तो नारी निकेतन का स्टॉफ सन्न रह गया। शुक्रवार को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी तक जब यह बात पहुंची तो किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजने के निर्देश दिए गए। वहां कई घंटों बाद भी आवश्यक जांच पूरी नहीं की जा सकी। सूत्रों का कहना है कि डॉक्टरों ने किशोरी को शनिवार को फिर बुलाया है ताकि सोनोग्राफी और यूरिन टेस्ट किया जा सके।
ये है मामला
बता दें कि मानवाधिकार प्रशासनिक संस्थान के सदस्य विजय आसनानी व इकबाल ने लावारिस घूम रही बालिका के बारे में गुरुवार को पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद ईदगाह चौक के पास से लावारिस बालिका को थाना सिटी कोतवाली लाया गया था। वहां से वन स्टॉप सेंटर भेजा गया था।
किसी ने ध्यान नहीं दिया
इसके पहले भी करीब एक साल पहले किशोरी चाइल्ड लाइन की मदद से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश की गई थी। तब किशोरी की मां के मानसिक विक्षिप्त होने का पता चलने पर किशोरी को लिटिल स्टार फाउंडेशन के बालिका गृह में कटनी भेज दिया गया था। वहां रहने के लिए किशोरी तैयार नहीं थी। एेसे में उसकी परीक्षा का हवाला देते हुए सीडब्ल्यूसी के आदेश पर किशोरी को छोड़ दिया गया। लेकिन इसके बाद न तो लिटिल फाउंडेशन ने ध्यान दिया और न ही सीडब्ल्यूसी ने।
जिला अस्पताल में भी लापरवाही
बालिका के मामले में यह तथ्य सामने आए हैं कि चाइल्ड लाइन के साथ किशोरी को चिकित्सीय परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था। लेकिन चिकित्सकों द्वारा इस संवेदनशील मामले में देर शाम तक भी सभी परीक्षण नहीं किए जा सके। जबकि सुप्रीम कोर्ट की इस तरह के मामले में स्पष्ट गाइडलाइन है कि पीडि़ता के पहुंचते ही तत्काल आवश्यक परीक्षण करते हुए रिपोर्ट जारी कर दी जाए।
मामले की जांच कराई जा रही है। कब, किन परिस्थितयों में यह स्थित बनी है, अभी रिपोर्ट का इंतजार है। अगर प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजीटिव आता है तो इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
मुकेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर
Published on:
07 Jul 2018 12:15 pm
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
