लालता चौक में युवती ने अपने साथियों के साथ की सरेआम गुंडागर्दीशहर में पहली बार आतंक का ऐसा घिनौना रूप दिखा, लोगों में आक्रोश, आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर
सतना. तारीख... 3 जून, स्थान... लालता चौक, समय... सुबह के 11.38... शहर के पुराने व्यावसायिक स्थल में लोगों ने अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करना शुरू ही किया था और व्यापारिक गतिविधियों ने जोर पकडऩा शुरू किया ही था कि एक दुकान के सामने एक बाइक तेज गति से रुकती है। तेज ब्रेक लगने से निकली आवाज को कोई सुन पाता कि इसके पहले बाइक पर काले लिबास पहने युवती बड़ी तेजी से हाथ में लाठी लेकर उतरती है और उसके साथ ही पीली शर्ट पहने बाइक चला रहा युवक बाइक खड़ा कर पीछे से बड़ी तेजी से दुकान की ओर दौड़ लगाता है। इसके बाद यह इलाका चीख पुकार और गाली-गलौज से गूंज उठता है। जो जहां होता है इस ओर भागता दिखता है। नजारा ऐसा कि एक युवती जो लेडी डॉन की भूमिका में अपने साथियों के साथ एक युवक को बेतहाशा पीटती नजर आती है।
शहर में पहली बार
जी हां सतना शहर में पहली बार फिल्मी स्टाइल में लेडी डॉन का तांडव देखने वाले सहम जाते हैं। पीडि़त बाद में थाने में रिपोर्ट भी लिखाता है, लेकिन न तो लेडी डॉन और न ही उसके गुर्गे पुलिस की पकड़ में आते हैं। यह मामला शहर की भीड़ में गुम जाता अगर यह लेडी डॉन फिर से अपने गुर्गों के साथ पन्नी लाल चौक में फिर तांडव न मचाती। इसके बाद वायरल होता है 3 जून की घटना का स्याह चेहरा जो शहर की कानून व्यवस्था पर कालिख पोत जाता है।
सगे भाई को भी नहीं छोड़ा
पीडि़त राहुल श्रीवास्तव और शिवांग श्रीवास्तव के अनुसार यह लेडी डॉन मुस्कान श्रीवास्तव की कहानी कुछ ऐसी है। मुस्कान राहुल की ममेरी बहन और शिवांग की सगी बहन है। इनका कसूर इतना था कि उन्होंने मुस्कान को डांस की कोचिंग देने वाले साहिल खान की संगत से दूर रहने की सलाह दी थी। साहिल और उसके अन्य साथियों की गलत हरकतों की वजह से वे मुस्कान को उनसे दूर रखना चाहते थे, लेकिन यह सलाह मुस्कान को अच्छी नहीं लगी। बात आई गई हो गई। 3 जून को मुस्कान का उसके पास फोन आता है और पूछती है कि कहां हो। उसे बनारसी होटल के पास खड़े होने की जानकारी सामान्य तौर पर देने के बाद मोबाइल काट दिया जाता है। इसके कुछ देर बाद लगभग 11.38 बजे मुस्कान अपने साथी साहिल के साथ बाइक पर बैठकर आती है। पूरे काले कपड़े पहने और मुंह ढंके मुस्कान आती है और लाठियों से उसे पीटना शुरू कर देती है। कुछ समझ पाता कि साहिल आकर मारना शुरू कर देता है और उसके कई साथी भी आ जाते हैं। पीटते-पीटते बीच सड़क पर ले आते हैं। इस पूरी घटना के दौरान साहिल और उसके साथी उसे पकड़े रहते हैं और मुस्कान लगातार लाठियां बरसाती जाती है और गिरने पर लात से मारना शुरू कर देती है। बीच-बीच में साहिल और उसके साथी भी मारने लगते हैं। यह सब देख मुस्कान का सगा भाई जब बचाने आता है तो मुस्कान उसे भी मारती है। रिश्तों को तार-तार कर बीच बाजार सरेराह दहशतगर्दी का यह तांडव 8 मिनट चलता है। गुंडागर्दी के इस नजारे पर यहां खड़े ज्यादातर लोग तमाशबीन बने देखते रहते हैं। कुछ लोग बीच बचाव में आते भी हैं तो उन्हें भी गालियां देकर भगा दिया जाता है। किसी तरह बाद में जब स्थानीय लोग बीच-बचाव में पहुंचते हैं तो मुस्कान और उसके साथी उसे छोड़ते हैं, लेकिन गुंडागर्दी का दम ऐसा कि मुस्कान राहुल को छोडऩे के बाद भी कुछ मिनट बड़ी दिलेरी से यहां खड़ी रहती है और उसके साथी लगातार खुलेआम गालियां देते हुए दहशत फैलाते हैं। फिर 11.46 पर सभी लोग बाइक से चले जाते हैं।
सिटी कोतवाली में लिखाई रिपोर्ट
खुलेआम गुंडागर्दी के शिकार राहुल श्रीवास्तव ने 3 जून को ही सिटी कोतवाली थाने में मामले की सूचना दी। जिस पर पुलिस ने आरोपियों मुस्कान श्रीवास्तव, साहिल उर्फ बल्लू, धीरज और सूरज सिंह पर धारा 294, 323, 324, 506, 34 भादवि के तहत प्रकरण कायम कर लिया है।
क्या कर रही पुलिस, लगातार धमकियां मिल रही
इस मामले में मुस्कान के पिता दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि साहिल खान जो खुद को बल्लू डान बताता है ने उनकी बेटी को बरगला कर अपने कब्जे में कर रखा है। 3 जून को उसने अपने साथियों के साथ भांजे राहुल और बेटा शिवांग के साथ मारपीट की। इसकी रिपोर्ट लिखाने के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। लगातार धमकियां दे रहे हैं घर के सामने आकर गाली-गलौज कर रहे हैं। कानून का कोई खौफ नहीं रहा गया। पुलिस पता नहीं क्या कर रही है। गुरुवार को भी साहिल और उसके साथी घर के बाहर आकर बेटे को बुला रहे थे। अपहरण की कोशिश में थे। फिर बेटे ने जब घटना की जानकारी दी तो मैं घर गया। दीपक ने बताया कि शुक्रवार को भी साहिल और उसके साथी धमकी दे रहे थे। कह रहे हैं कि पुलिस में जाओगे तो नहीं बचोगे। पूरा परिवार दहशत में है।
पुलिस की सफाई
इस मामले में एडिशनल एसपी ने कहा कि 3 जून को लालता चौक की घटना है। लड़की के विरुद्ध परिवारजनों ने रिपोर्ट लिखाई है। मामला कायम कर लिया गया है। अग्रिम जांच की जा रही है।जनता का सवाल यह है कि जिस घटना को पूरा शहर जान चुका है, सीसीटीवी में सब कैद है इसपर तीन दिन से पुलिस किस तरह की अग्रिम कार्रवाई कर रही है।