सरकार द्वारा गांव भेजे गए पांच सर्जन और मेडिकल ऑफिसर पिछले 21 साल से लापता हैं।
विक्रांत दुबे @ सतना। सरकार द्वारा गांव भेजे गए पांच सर्जन और मेडिकल ऑफिसर पिछले 21 साल से लापता हैं। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा प्रत्येक माह भेजी जाने वाली मासिक उपस्थिति रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। गायब चिकित्सकों में से कुछ ने तो सरकार को इस्तीफा भेजकर इतिश्री कर ली, लेकिन कई आज भी बिना बताए लापता हैं।
अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित ये सभी सर्जन और मेडिकल ऑफिसर मोटी तनख्वाह पर बड़े शहरों में काम कर रहे हैं। बताया गया, जिला चिकित्सालय में एमपीपीएससी द्वारा वर्ष 1989 में डॉ. मोहम्मद फरीखान को मेडिकल ऑफिसर के रूप में पदस्थ किया गया था।
वेतन 13 मार्च 1996 को आहरित
इन्होंने अंतिम वेतन 13 मार्च 1996 को आहरित किया। इसके बाद डॉ खान 17 अप्रैल 1996 से यानी 21 वर्ष से आकस्मिक अवकाश लेकर लापता हैं। एमपी पीएससी द्वारा वर्ष 1999 में डॉ. राजेश गुप्ता और 2006 में कमलेश प्रसाद गुप्ता का चयन मेडिकल ऑफिसर के रूप में क्रमश: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुकुंदपुर और सभागंज में किया गया।
15 नवंबर 2011 से लापता
दोनों मेडिकल ऑफिसर को स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे। डॉ. कमलेश ने पदभार ग्रहण कर वर्ष 2006 तक सेवाएं भी प्रदान कीं। इसके बाद पीजी की पढ़ाई के लिए अध्ययन अवकाश लिया। वर्ष 2009 में पीजी की पढ़ाई पूरी कर वापस लौटे और ज्वायनिंग प्राथमिक स्वास्थ्य में दी। कुछ माह सेवा देकर गए तो लौटे नहीं। डॉ. राजेश गुप्ता इस्तीफा देकर 15 नवंबर 2011 से लापता हैं। वर्षों से डॉक्टरों की महकमे के रिकार्ड में गैरहाजिरी दर्ज हो रही है।
सर्जन भी हो गए लापता
डॉ. सोमनाथ चौरसिया को संविदा आधार पर पदस्थ किया गया था। नियमितीकरण के बाद सहायक शल्य चिकित्सक के रूप में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पगार खुर्द भेजा गया। डॉ. चौरसिया ने 21 अप्रैल 14 को अंतिम वेतन लिया। इसके बाद बिना सूचना दिए 21 जुलाई 14 से लापता हैं। इसी प्रकार पीएचसी गोरइया में बतौर सहायक शल्य चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार तोमर को पदस्थ किया गया। डॉ. तोमर ने 2006 से 2013 तक सेवाएं प्रदान कीं। इसके बाद महकमे को बिना जानकारी दिए 1 अक्टूबर 2013 से लापता हैं।
वर्षों से गायब पर कार्रवाई नहीं
चिकित्सक वर्षों से स्वास्थ्य केंद्रों से लापता हैं। स्वास्थ्य महकमे के इसकी कोई जानकारी नहीं है। किसी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं की गई है। रिकार्ड में चिकित्सकों की पदस्थापना होने के कारण दूसरे चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पा रही है। संबंधित स्वास्थ्य केंद्र भरे बताए जा रहे हैं।
1-चिकित्सक
- डॉ. कमलेश प्रसाद गुप्ता
- पदनाम- चिकित्सा अधिकारी
- अंतिम पदस्थापना पीएचसी सभागंज
- नियुक्ति तदर्थ- एमपी पीएससी
- नियुक्ति तारीख 12 जनवरी 2006
- ज्वायनिंग तारीख-25 मई 2006
- अनुपस्थित- 7 मार्च 2015
- (वीआरएस के लिए आवेदन देकर गायब)
- अंतिम वेतन आहरण- 7 मार्च 2015
- स्थाई पता- पन्ना रोड कुठला, जिला कटनी
2-चिकित्सक
- डॉ. संतोष कुमार तोमर
- पदनाम- सहायक शल्य चिकित्सक
- अंतिम पदस्थापना- पीएचसी गोरइया
- नियुक्ति तदर्थ - संविदा आधार पर नियमित
- नियुक्ति तारीख-2 अक्टूबर 2006
- ज्वायनिंग तारीख-7 अक्टूबर 2006
- अनुपस्थित- 1 अक्टूबर 2013 (बिना सूचना गायब)
- अंतिम वेतन आहरण 31 अगस्त 2013
- स्थाई पता- एम 83 न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी मुरैना
3-चिकित्सक
- डॉ. सोमनाथ चौरसिया
- पदनाम- सहायक शल्य चिकित्सक
- अंतिम पदस्थापना पीएचसी पगार खुर्द
- नियुक्ति तदर्थ संविदा आधार पर नियमित
- नियुक्ति तारीख 9 अक्टूबर 2003
- ज्वायनिंग तारीख 9 अक्टूबर 2003
- अनुपस्थित- 21 जुलाई 2014 (बिना सूचना गायब)
- अंतिम वेतन आहरण 21 जुलाई 2014
- स्थाई पता- 149 राजीवनगर विनायकपुर, कानपुर
4- चिकित्सक
- डॉ. राजेश गुप्ता
- पदनाम- चिकित्सा अधिकारी
- अंतिम पदस्थापनापीएचसी मुकुंदपुर
- नियुक्ति तदर्थ संविदा आधार पर नियमित
- नियुक्ति तारीख 11 नवंबर 1999
- ज्वायनिंग तारीख 19 नवंबर 1999
- अनुपस्थित- 15 नवंबर 2011 (इस्तीफा देकर गायब)
- अंतिम वेतन आहरण 15 नवंबर 2011
- स्थाई पता- फ्लैट नं-4 सांई आर्ट केवट कॉम्प्लेक्स ग्वालियर
5- चिकित्सक
- डॉ. मोहम्मद फरीद खान
- पदनाम- मेडिकल ऑफिसर
- नियुक्ति तदर्थ एमपी पीएससी
- अंतिम पदस्थापना जिला चिकित्सालय
- नियुक्ति तारीख- 11 जनवरी 1989
- ज्वायनिंग तारीख 16 अगस्त 1989
- अनुपस्थित 17 अप्रैल 1996 (आकस्मिक अवकाश लेकर गायब)
- अंतिम वेतन आहरण 13 मार्च 1996
- स्थाई पता- ग्राम महदेवा, जवाहर नगर सतना
सहायक शल्य चिकित्सक और मेडिकल ऑफिसर की बिना सूचना अनुपस्थिति की जानकारी संचालनालय स्वास्थ्य सेवा को भेजी गई है। उनके खिलाफ शीघ्र सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. डीएन गौतम, सीएमएचओ