
सतना। जिला आयुर्वेद चिकित्सालय सहित होम्योपैथी व यूनानी औषधालय चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। आधा सैकड़ा से अधिक आयुर्वेद औषधालय कम्पाउंडर और जिले का इकलौता यूनानी चिकित्सालय भृत्य के भरोसे संचालित हो रहा है। जिले में मरीजों के उपचार की आयुर्वेद, होम्यापैथी सहित यूनानी विधा दम तोड़ती नजर आ रही है।
आयुर्वेद औषधालयों में चिकित्सकों की पदस्थपना नहीं होने से पीडि़तों को उपचार भी नहीं मिल पा रहा है। जिले के ग्रामीण अंचलों के अधिकांश केंद्रों में ताला लटका रहता है। सिर्फ कागजों में केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।
मरीजों का औषधालयों से भरोसा टूटा
आयुर्वेद औषधालयों में पीडि़त पहुंचते हैं लेकिन इलाज तो दूर प्राथमिक चिकित्सा भी उपलब्ध नहीं हो पाती है। केन्द्रों में महीनों से दवाईयों की कमी बनी रहती है। दवा सप्लाई की कोई निर्धारित व्यवस्था नहीं है। लोगों का केंद्र में उपचार मिलने का भरोसा भी टूट चुका है। अब तो लोग बीमार होने के बाद भी केंद्रों की ओर झांकते तक नहीं है। ग्रामीणों की मानें तो दस्तूर निभाने कभी दरवाजे खोले जाते हैं।
उपकरण हो रहे खराब, बदहाली के शिकार
औषधालयों की कोई देखरेख करने वाला नहीं है। इनमें रखे कीमती जांच उपकरण खराब हो रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में औषधालय भवन मरम्मत के आभाव में बदहाली के शिकार हैं। जबकि जिला मुख्यालय में बैठे जिम्मेदारों को भी मामले की जानकारी है, बावजूद जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।
संस्था की संख्या एवं चिकित्सक विहीन
- आयुर्वेद औषधालय 64 17
- आयुर्वेद चिकित्सालय 01 4
- होम्योपैथी औषधालय 04 02
- यूनानी चिकित्सालय 01 01