मैहर के पोषण पुनर्वास केंद्र का मामला, लापरवाही उजागर होने पर कार्रवाई
सतना. मैहर एनआरसी की कुक को सेवा समाप्त करने के मामले में सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. वीके गौतम और एनआरसी प्रभारी प्रदीप निगम का नया कारनामा सामने आया है। दोनों स्वास्थ्य अधिकारियों ने चहेते कर्मचारियों को उपकृत करने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशों को दरकिनार कर कुक उमा साहू की ड्यूटी लगाई थी।
सीएमएचओ ने समाप्त की सेवा
मैहर एनआरसी से देर रात कुपोषितों और उनकी माताओं का मामला उजागर होने के बाद सीएमएचओ के निर्देश के बाद सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ वीके गौतम ने मामले की जांच की थी। जांच के बाद डॉ गौतम ने सीएमएचओ को सौंपे गए प्रतिवेदन में बताया था कि मैहर एनआरसी की कुक उमा साहू की ड्यूटी दोपहर २ से रात १० बजे तक थी। रात ९ बजे उमा साहू ने एनआरसी में भर्ती कुपोषित और उनकी माताओं को बाहर कर ताला डाल दिया। इसी प्रतिवेदन के आधार पर सीएमएचओ डॉ विजय कुमार आरख ने एनआरसी कुक उमा साहू की सेवाएं समाप्त कर दी।
मिशन संचालक के निर्देश दरकिनार
मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने प्रदेश में संचालित दस बेड के सभी पोषण पुनर्वास केंद्र में कुक की ड्यूटी सुबह ६ से दोपहर २ बजे तक लागने के निर्देश दिए थे। २० बेड के एनआरसी में दो पालियों में सुबह ६ से २ और दोपहर २ से रात १० बजे तक के निर्देश जारी किए थे। लेकिन सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ गौतम और एनआरसी प्रभारी प्रदीप निगम द्वारा मिशन संचालक के निर्देशों को दरकिनार कर दिया गया। कुक उमा साहू की ड्यूटी नियमों के विपरीत दोपहर २ से रात की पाली में लगाई गई।