
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में डायमंड पार्क और डायमंड प्रोसेसिंग यूनिट की घोषणा करने आए खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कम्प्यूटर बाबा द्वारा केन नदी में बाबाओं की फौज उतारने वाले बयान पर पलटवार किया है। खनिज मंत्री ने कहा है कि नदी न्यास के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा एक बाबा है। साथ ही एक धार्मिक व्यक्ति है। वह अपनी बाबागीरी करें, खनिज विभाग से उनका कोई लेना देना नहीं है।
बता दें कि, 24 घंटे पहले कम्प्यूटर बाबा ने पन्ना में ही अपने बयान में कहा था कि बाबाओं की टोली अवैध उत्खनन रोकने के लिए खदानों में डेरा डालेगी। पूरे प्रदेश के लिए चार टोलियां बनेंगी। एक टोटी में 250 से लेकर 300 बाबा होंगे। जो बिना किसी की रोंक टोंक के सीधे खदानों में दबिश देंगे।
क्या है मामला
गौरतलब है कि एक दिन पहले कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नदी न्यास के अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा पन्ना जिले के दौरे पर थे। सर्किट हाउस में मीडिया के सवालों पर बयान देते हुए कहा था कि प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए वह बाबाओं की टोलियां बनाएंगे। बाबाओं की ये टोलियां अवैध खनन रोकने के लिए निगरानी करेंगी। लेकिन रविवार को पन्ना के महेंद्र भवन में डायमंड पार्क का निरीक्षण करने आए खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल ने बाबा के उस बयान पर कटाक्ष किया। कहा कि कंप्यूटर बाबा धार्मिक व्यक्ति हैं। वह अपनी बाबागिरी करें खनिज विभाग से उनका कोई लेना देना नहीं है। सरकार के दोनों मंत्रियों के बयानों से यह समझ में आ रहा है कि कांग्रेस पार्टी में अभी भी गुटबाजी बरकरार है। मीडिया की सुर्खियों में बने रहने वाले कम्प्यूटर बाबा इस प्रकार के बयान देकर अक्सर चर्चा में रहते हैं ।
खनिज मंत्री ने भाजपा सरकार को कोसा
खनिज मंत्री ने कहा है कि डायमंड पार्क पन्ना में ही बनेगा। सेंटर का कार्य एक साल में पूरा होगा। इसके साथ ही ग्रेनाइट स्टोन पार्क के बारे में भी चर्चा की। पूर्व भाजपा सरकार को कोसते हुए खनिज मंत्री बोले कि हीरा उत्खनन कंपनी में राजनीतिक हिस्सेदारी के चलते परेशान होकर हीरा कंपनी रियो टिंटो काम छोड़ कर भाग गई है। 15 साल से प्रदेश में खनिज विभाग में लूट मची थी। हमने नई रेत नीति बनाकर हद तक अवैध खनन पर रोक लगाई है। नई रेत नीति बनने के बाद से सरकार के खजाने में पैसा जाने लगा है। पूरे प्रदेश में अवैध खदानों को चिन्हित करके टेंडर निकाले जाएंगे। आए दिन रेत खदानों में हो रहे झगड़े को रोकने के लिए सिंडिकेट बनाकर प्रदेश का राजस्व बढ़ाने पर अमल हो रहा है।