मौसम: 2012 के बाद दूसरी बार सबसे लेट, आज हो सकती है आमद की घोषणा
सतना. 15 दिन के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सोमवार को मानसून ने जिले में झमाझम दस्तक दे दी। दोपहर से शुरू हुआ मानसूनी बारिश का दौर शाम तक रुक-रुककर जारी रहा। इस दौरान जिले में 3.2 सेमी बारिश दर्ज की गई। मानसून की पहली झमाझम बारिश की फुहारों में भीगकर लोगों ने मौसम का आनंद लिया। बारिश के साथ ही आसमान ताक रहे किसानों का इंतजार भी खत्म हो गया। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक जिले में तेज बारिश का दौर जारी रहने तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। हालांकि रीवा एवं सीधी में बारिश न होने से अभी मौसम विभाग ने मानसून आने की घोषणा नहीं की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है, बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में पूरे विंध्य में मानसून सक्रिय हो जाएगा। इसलिए मंगलवार की शाम तक विंध्य में मानसून के आमद की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
चार डिग्री लुढ़का पारा
जिले में मानसून की आमद के साथ ही गर्मी के तेवर ठंडे पड़ गए। बीते २४ घंटे से रुक-रुककर तेज बारिश का क्रम जारी है। इससे दिन और रात के तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान ३६.० डिग्री तथा न्यूनतम तापमान २५.७ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में ठंडक घुलने से बेहाल शहर की जनता को उमसभरी गर्मी से राहत मिली है।
राहत के साथ आफत भी
24 घंटे से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश से पूरा शहर पानी व कीचड़ से लथपथ है। सड़कों पर जलभराव होने एवं निचली बस्तियों में पानी भरने से पहली ही बारिश में बाढ़ जैसे हालत बन गए। रविवार की शाम दो दिन में दूसरी बार लोगों को निगम प्रशासन की अव्यवस्था की बाढ़ का सामना करना पड़ा। तेज बारिश से सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। चोक नालियों का पानी घरों में घुसने से बारिश की खुशी दूसरे ही दिन आफत में बदल गई है। निगम की अनदेखी से परेशान शहरवासी स्वयं जल निकासी के लिए फावड़ा लेकर नालियों की सफाई में जुट गए।
10 साल में सिर्फ एक बार समय पर
विंध्य में मानसून ने बीते 10 वर्ष में दूसरी बार सबसे लेट जुलाई में अपनी आमद दर्ज कराई है। मानसून के दस्तक की बात करंे तो बीते दस साल में सिर्फ एक बार 2013 में मानसून ने समय पर 12 जून को दस्तक दी थी। इसके बाद साल-दर साल मानूसन लेट होता रहा। विंध्य में मानसून की लेटलतीफी से खरीफ फसलों की बोवनी प्रभावित होने से उत्पादन पर असर पड़ता है।
किसानों को सलाह
कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले में मानसून की दस्तक पर किसानों को कृषि सलाह जारी की है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है जिन किसानों ने खेतों की जुताई कर ली है वे अभी बोवनी में जल्दबाजी न करें। क्षेत्र में 4 से 6 इंच बारिश होने के बाद ही बोवनी का कार्य शुरू करें। 10 जुलाई तक किसान सभी प्रकार की फसल की बोवनी कर सकते हैं।