
सतना। 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने बाजी मारते हुए अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इसमें 177 प्रत्याशियों के नाम शामिल किए गए है। लेकिन विंध्य क्षेत्र के 5 विधायकों के टिकट कटने के बाद समर्थकों में मायूसी छा गई है। जिन विधायकों के टिकट कटे है, उनमे पूर्व मंत्री एवं रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा से वर्तमान विधायक रमाकांत तिवारी, सेमरिया विधायक नीलम मिश्रा, सतना जिले के रामपुर बाघेलान विधायक हर्ष सिंह के खराब स्वास्थ्य के कारण बाप का टिकट काटकर बेटे को दिया गया। जबकि पन्ना जिले के गुन्नौर विधायक महेन्द्र सिंह बागरी और सिंगरौली जिले के देवसर विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेंद्र मेश्राम का नाम टिकट कटने वाली सूची में शामिल है। सूत्रों की मानें तो वतर्मान विधायकों के टिकट काटकर भाजपा ने बड़ा जोखिम उठाया है। क्योंकि समर्थकों में आक्रोश है, भितरघात कर ये नेता पार्टी को गच्चा भी दे सकते है।
बता दें कि, बीजेपी ने गुरुवार देर रात तक प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में 177 नामों पर अपनी मुहर लगा दी थी। इससे पहले गुरुवार देर रात तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में 177 नामों को तय कर लिया गया। शाम 6.15 से रात 9.45 बजे तक चली बैठक में मध्यप्रदेश की तरफ से इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, संगठन मंत्री विनय सहस्त्रबुद्धे भी मौजूद थे।
एक मंत्री, चार विधायकों के टिकट इसलिए कटे
- गुन्नौर : महेन्द्र सिंह बागरी का कटा, राजेश वर्मा को मिला
- रामपुर : हर्ष सिंह, खराब स्वास्थ्य के कारण बेटे को मिला
- सेमरिया : नीलम मिश्रा कटा, के पी त्रिपाठी को मिला (विधायक नीलम मिश्रा के पति अभय कांग्रेस से रीवा के दावेदार, अपनी ही सरकार के खिलाफ विधानसभा में भी आवाज उठा चुकीं)
- त्यौथर : रमाकांत तिवारी का कटा, श्यामलाल द्विवेदी को मिला (तिवारी की उम्र 90 से ज्यादा, स्वास्थ्य खराब, पहले ही कह दिया था चुनाव नहीं लड़ेंगे)
- देवसर : राजेन्द्र मेश्राम का टिकट कटा, सुभाष वर्मा को मिला
त्योंथर विधायक रमाकांत तिवारी का कटा टिकट
गौरतलब है कि, उमा भारती के कैबिनेट में मंत्री रह चुके त्योंथर विधायक रमाकांत तिवारी का टिकट काटकर एक जमीनी कार्यकर्ता श्यामलाल द्विवेदी को दिया गया है। जो एक दम सीधे और सरल स्वभाव और पार्टी ग्लैमर से दूर रहते है। इस तरह के उम्मीदवार पर पार्टी ने दाव लगाया है। जो टिकट घोषणा के बाद सबसे पहले विधायक रमाकांत तिवारी के घर पहुंचकर आर्शिवाद लिए। भाजपा सूत्रों की मानें तो इस बार पार्टी ने उम्रदराज नेताओं को ज्यादा तबज्जों न देते हुए पार्टी के कर्मठ लोगों पर दाव लगाया है।
सेमरिया विधायक नीलम मिश्रा का कटा टिकट
भाजपा केन्द्रीय चुनाव समिति ने सेमरिया विधायक नीलम मिश्रा का टिकट काटकर पार्टी के सीनियर और लोकल नेता केपी त्रिपाठी को टिकट दिया है। बताया गया कि नीलम मिश्रा के पति पूर्व विधायक सेमरिया एवं वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा ने भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस में कुछ महीने पहले शामिल हो गए थे। तब से उनकी पत्नी व सेमरिया विधायक नीलम मिश्रा को पार्टी रास नहीं आ रही थी। वे लगातार भाजपा के खिलाफ बयान देती थी। इसलिए पार्टी मुख्यालय ने उनका टिकट काटकर सीनियर कार्यकर्ता केपी त्रिपाठी को टिकट दी।
देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम का कटा टिकट
देवसर से विधायक रहे राजेंद्र मेश्राम का टिकट भाजपा से कट गया है। उनके स्थान पर रामचरित्र के बेटे सुभाष वर्मा को टिकट मिला है। विधायक का टिकट कटने से उनके समर्थकों में मायूसी की लहर फैल गई है। अभी तक समर्थक टिकट मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन पार्टी मुख्यालय द्वारा निराश कर दिया गया है। जबकि सिंगरौली विधानसभा से विधायक रामलल्लू वैश्य को रिपीट किया गया। वहीं चितरंगी से अमर सिंह को भाजपा ने टिकट देकर भरोसा जताया है।
चुरहट में फिर लगाया शरदेंदु पर दाव
सीधी जिले की चार विधानसभा में तीन में भाजपा ने प्रत्याशी घोषित कर दिए। कई जगह पुराने प्रत्याशियों को ही उतारा मैदान में। चुरहट में सारी अटकलों पर विराम लगाते पुराने हारे हुए प्रत्याशी शरदेंदु तिवारी पर फिर दाव लगाया है। यहां से राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह व पूर्व सांसद गोविंद मिश्र भी दौड़ में थे। वहीं सीधी से केदारनाथ शुक्ल व धौहनी विधानसभा से कुंवर सिंह टेकाम का रिपीट किया गया है। जबकि सिहावल विधानसभा होल्ड पर रखी गई है। यहां से पूर्व प्रत्याशी विश्वामित्र पाठक व सांसद रीति पाठक को मौका मिल सकती है।