सतना

MP election 2018: न दादा, गणेश विधायिकी लडि़ही या सांसदी, बघेली में पढ़ें चुनावी चर्चा

चुनावी चर्चा: न दादा, गणेश विधायिकी लडि़ही या सांसदी, बघेली में पढ़ें सियासत की गहराई

2 min read
Oct 20, 2018
MP election 2018: chunavi charcha news in satna

सतना। न दादा, गणेश सिंह विधाइकी लडि़ही या सांसदी? लागत हइ के विधाइकी पर जोर दइ रहे ह। सतना विधानसभा म खूब सक्रिय हमा। यह बात आजाद चौक पर चुनावी चर्चा के दौरान सुनने को मिली। तभी एक व्यक्ति ने कहा, बीटीआइ ग्राउंड में रामकथा कराई थी, कलश यात्रा निकाली थी, पिछड़ावर्ग सम्मेलन में भी जमकर ताकत दिखाई थी। यह सब चुनावी गुणा-गणित ही तो था। यह सुन वहां मौजूद आशु ने कहा, नहीं भैया, मैहर में बाइपास का नारियल फोड़कर उद्घाटन किया तो इसका मतलब यह थोड़ी कि मैहर से चुनाव लड़ेंगे। अरे चुनावी मौसम है।

लिहाजा हर कोई दमखम दिखा रहा। इतने में विजय सुगानी बोल पड़े, सही बोल रहे हो। अभी योगेश ताम्रकर ने पिताजी की पुण्यतिथि पर कंकर-कंकर शंकर कार्यक्रम तो किया था। मोहित ने कहा कि सांसद के खिलाफ भले असंतोष है, लेकिन सांसदी के लिए उनके कद का नेता कौन है? कांग्रेस में तो अभी कोई नहीं दिख रहा। सांसद विधायकी नहीं लड़ेंगे।

ये भी पढ़ें

MP election 2018: एक ऐसी पार्टी जिसने झूठे वादों पर लड़ा था चुनाव, सच का नहीं था वास्ता

चुनावी मौसम में नेताओं को आई 'खादी' की याद
चुनावी मौसम आते ही खादी ग्रामोद्योग संघ की दुकानों में चहल पहल बढ़ गई है। स्वदेशी एवं राष्ट्रवाद का प्रतीक मानी जाने वाली खादी नेताओं की खास पसंद होती है। चुनावी मौसम हो और नेता खादी का कुर्ता-पैजामा और टोपी न पहनें एेसा हो नहीं सकता। जनता को गांधीवादी छवि को दिखने छुटभैया नेताओं को भी इस समय खादी के कपड़े खूब लुभा रहे हैं।

खादी की बिक्री में 30 से 40 फीसदी का उछाल

शहर में संचालित खादी ग्राम उद्योग संघ की दुकानों में खादी की बिक्री में 30 से 40 फीसदी का उछाल आया है। इससे दुकानदार उत्साहित है और चुनावी मांग को पूरा करने नई वैरायटी के कुर्ता पायजामा दुकानों में स्टाक कर रहे हैं। खादी दुकानदारों का कहना है कि चुनाव के समय आम दिनों के मुकाबले बिक्री दो गुना बढ़ जाती है।

ये भी पढ़ें

गाजे-बाजे के साथ विसर्जित हुई दुर्गा प्रतिमाएं, देखे इन तस्वीरों में
Published on:
20 Oct 2018 05:01 pm
Also Read
View All