
सतना। चुनाव में ड्यूटी लगने का अधिकारी-कर्मचारियों में काफी भय है। जिस दिन से ड्यूटी लगी, उसके साथ ही ड्यूटी कटवाने वालों की जिला निर्वाचन कार्यालय में भीड़ बढ़ गई। सिफारिशों का भी दौर शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा नाम कटवाने वालों में महिला कर्मचारियों के आवेदन आ रहे हैं। आवेदन में अजब-गजब बहाने लिखे आ रहे। कुछ ऐसे भी आवेदन हैं जो महिलाओं के बीच सास प्रेम दिखा रहे हैं।
यह तथ्य भी सामने आ रहा कि ड्यूटी लगने के बाद ज्यादातर लोगों को लकवे की शिकायत हो रही है। बहरहाल जिला निर्वाचन कार्यालय की ओरसे आवेदनों को विचार के लिए रख लिया गया है। उधर, हर साल बीमारी के संबंध में मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने संबंधी आदेश भी अभी तक जारी नहीं हुआ है। लिहाजा कुछ कर्मचारी शासकीय चिकित्सकों के बेड रेस्ट के पर्चे लेकर भी पहुंच रहे हैं।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार निर्वाचन कार्य के लिए जब शासकीय सेवकों की जानकारी फीड की जा रही थी उस वक्त बीमार और विकलांग सेवकों की जानकारी फीड की गई थी। ऐसे शासकीय सेवकों की संख्या ६२८ थी। लिहाजा इनकी ड्यूटी इस हिसाब से लगाई या छोड़ी जा रही है। पर जैसे ही ड्यूटी लगने की जानकारी अन्य सेवकों तक पहुंचने लगी है उसके साथ ही शासकीय सेवकों में अचानक बीमार होने की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
बनी विवाद की स्थिति
सर्वाधिक सिफारिश महिला कर्मचारियों की आ रही हैं। कुछ विभागीय अधिकारी भी सिफारिश कर रहे हैं। समाजसेवी और नेता भी जुगाड़ लगाने की विफल कोशिश कर रहे। एक मामला ऐसा भी सामने आया जिसमें न्यायालय में कार्यरत एक लिपिक पत्नी की ड्यूटी कटवाने जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंच गया। अधिकारियों से सिफारिश के बाद वह जिला निर्वाचन कार्यालय में काफी तल्खी दिखाते हुए तत्काल ड्यूटी काटने का दबाव बनाता दिखा। इससे विवाद की स्थिति बनने लगी थी।