
satna smart city
सतना। किसी ने शायर ने क्या खूब कहा है 'घर से निकलो तो पता जेब में डालकर निकलो, क्योंकि हादसे चेहरे की पहचान मिटा देते हैं...।' यह शायरी स्मार्ट सिटी की सड़कों पर भी सटीक बैठती है। प्रमुख सड़क से लेकर कॉलोनियों की सड़कों पर हर पांच कदम पर गड्ढे मिल जाएंगे। बीच सड़क या सड़क किनारों पर खुले मेनहोल भी हादसों को न्योता दे रहे हैं।
निगम प्रशासन की अनदेखी और ठेका एजेंसियों की मनमानी के चलते स्मार्ट सिटी गड्ढों का शहर बन कर रह गई है। यहां एेसी कोई सड़क नहीं, जिस पर आप सुरक्षित निकल सकें। सड़कों के किनारे व बीच से निकले नाले के खुले चेम्बर हर पल हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं।
फुटपाथ पर खुला गड्ढा भी हादसे को दावत दे रहा है। दो दिन पूर्व रीवा रोड पर 10 फीट गहरे नाले के खुले चेम्बर में गिरकर एक महिला के घायल होने की घटना के बाद भी प्रशासन हरकत में नहीं आया। बीते एक माह में रीवा रोड के किनारे स्थित नाले के खुले चेम्बरों में गिरकर एक दर्जन लोग घायल हो चुके हैं।
...जरा संभलकर
नगर निगम प्रशासन की ओर से शहर के मुख्य मार्गों पर अंडरग्राउंड नालों का निर्माण कराया जा रहा है। इन नाले के ऊपर दासे रखकर उन्हें फुटपाथ की शक्ल दी गई है ताकि लोग चल सकें। लेकिन कवर्ड नाले के बीच-बीच में नाले को खुुला छोड़ दिया गया है। जो फुटपाथ पर चलने वाले लोगों के लिए मौत का गड्ढा साबित हो रहे हैं।
Updated on:
14 Oct 2018 05:34 pm
Published on:
14 Oct 2018 05:34 pm
