जनहित याचिका पर नोटिस जारी: हाईकोर्ट ने शासन से पूछा- क्यों न मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा पर रोक लगा दी जाए, सतना का मामला उदाहरण के रूप में किया गया प्रस्तुत
सतना। उच्च न्यायालय की ग्वालियर खण्डपीड ने शासन को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा पर रोक लगा दी जाए। यह नोटिस उच्च न्यायालय में प्रस्तुत एक जनहित याचिका पर जारी किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि यात्रा के दौरान विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के पक्ष में प्रचार कर किया जा रहा है। सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
न्यायालय ने 25 सितंबर तक शासन को जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। याचिका में सतना में आयोजित जन आशीर्वाद यात्रा का उदाहरण दिया गया है। उसमें कहा गया कि न्यू रामनगर में 6.95 लाख के भुगतान के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा गया है। इस तरह याचिकाकर्ता द्वारा जन आशीर्वाद यात्रा को शासकीय राशि का दुरुपयोग साबित करने का प्रयास किया गया है।
ये है मामला
न्यायमूर्ति संजय यादव एवं न्यायमूर्ति अशोक कुमार जोशी की युगलपीठ के समक्ष एडवोकेट उमेश कुमार बोहरे द्वारा प्रस्तुत जनहित याचिका में मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, ग्वालियर चंबल संभाग के आयुक्त एवं कलेक्टरों को पार्टी बनाया है। याचिका में कहा गया कि 14 जुलाई 18 से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रारंभ की गई यात्रा में भाजपा के पक्ष में प्रचार किया जा रहा है।
सड़कों की स्थिति खराब
कहा गया कि बरसात में जहां प्रदेश में बीमारियां फैल रही हैं और सड़कों की स्थिति खराब हो गई है, ऐसे में अधिकारी जनता के कार्य करने की बजाय यात्रा की व्यवस्थाओं में व्यस्त हैं। इस कारण व्यवस्थाएं चौपट हो गई हैं। याचिका में जनजातीय कार्य विभाग की आयुक्त के आदेश का जिक्र किया गया है, जिसमें निर्देश दिए गए कि यात्रा में योजनाओं की राशि का उपयोग न किया जाए।
सतना में खर्च का ब्यौरा पेश किया
याचिकाकर्ता द्वारा 19 जुलाई 2018 को जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान नगर परिषद न्यू रामनगर जिला सतना द्वारा मुख्यमंत्री की सभा की व्यवस्था के लिए खर्च किए गए 6 लाख 95 हजार रुपए की स्वीकृति के लिए कलेक्टर सतना को लिखे पत्र की जानकारी दी गई है। पत्र भी प्रस्तुत किया गया है। इस पत्र को अपनी बात रखने के लिए उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पत्रिका की खबर का उल्लेख
याचिका में पत्रिका द्वारा 7 मार्च 2018 को यात्रा के संबंध में छपी खबर, मुख्यमंत्री बोले-जो देगा, वो लेगा, का उल्लेख किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री द्वारा गांव में 19 करोड़ का तालाब व हाईस्कूल बनाने की घोषणा की गई।
यह की गई मांग
- प्रति याचिकाकर्ता को निर्देश दिए जाएं कि नवंबर 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जन आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से भाजपा के लिए वोट मांगे जा रहे हैं, जो कानून के खिलाफ है, इसलिए याचिका के अंतिम निराकरण तक इसे रोका जाए।
- यात्रा की व्यवस्था में शासन द्वारा कितना धन खर्च किया जा रहा है, इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन कर रिपोर्ट मंगाई जाए।
- यात्रा के दौरान 27 जुलाई 2018 को भिंड में बीमार विश्वनाथ प्रताप सिंह की एंबुलेंस को भिंड से ग्वालियर नहीं जाने दिया गया, इस कारण उनकी मौत हो गई, इसलिए मृतक के पिता गजेन्द्र सिंह चौहान को 10 लाख की क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।
- गोहद में सुबह 8 से रात 12 बजे तक मंच पर महिलाओं से नृत्य कराने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- यात्रा के दौरान भिंड में बच्चों को भूखा-प्यासा घंटों सड़क पर खड़ा किया गया, इस कारण कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जाए।