सतना

MP में ‘सीमेंट कंपनी’ को फर्जी तरीके से बेच दी आदिवासियों की जमीन, EOW ने पटवारी समेत 9 पर दर्ज किया केस

MP News: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में फर्जी वारिसाना बनाकर सीमेंट कंपनी को जमीन बेचने का मामला सामने आया है। जिसमें ईओडब्ल्यू ने पटवारी समेत 9 लोगों पर केस दर्ज किया है।

2 min read
Feb 19, 2026
फोटो- एआई जनरेटेड

MP News: मध्य प्रदेश के मैहर जिले के ग्राम भदनपुर के गरीब आदिवासियों की बेशकीमती जमीन हड़पने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन पटवारी सहित नौ आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। फर्जी वारिसाना दर्ज कर और कूटरचित ऋण पुस्तिका तैयार कर करीब 3.500 हेक्टेयर कृषि भूमि को बिचौलियों से लगभग 2.50 करोड़ रुपए में बेच दिया गया, जबकि वास्तविक भूमि स्वामी को एक रुपया भी नहीं मिला। बाद में यह जमीन सीमेंट कंपनी को बेच दी गई।

उल्लेखनीय है कि मामले का सबसे खुलासा पत्रिका ने प्रमुखता से किया था। जिसे संज्ञान में लेने के बाद कलेक्टर ने आदिवासियों की जमीन वापस करवाई थी। ईओडब्ल्यू में की गई शिकायत के सत्यापन में सामने आया कि भदनपुर दक्षिण पट्टी, तहसील व जिला मैहर निवासी रामसिंह गोड़ के आधिपत्य की उक्त भूमि वर्ष 2010-11 तक राजस्व अभिलेख (खसरा) में उनके नाम दर्ज थी। जांच में पाया कि वर्ष 2012-13 के राजस्व खसरे में तत्कालीन हल्का पटवारी अशोक सिंह द्वारा बिना किसी सक्षम राजस्व अधिकारी के आदेश और बिना भूमि स्वामी की जानकारी के वारिसाना उनके पुत्र राजेन्द्र सिंह के नाम दर्ज कर दिया।

गौरतलब है कि उस समय रामसिंह गोड़ जीवित था और उसके दो पुत्र व तीन पुत्रियां थीं। इसके बाद राजेन्द्र के नाम पर फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर बैंक से ऋण दिलाने का झांसा दिया। इसी दौरान जमीन को शोभा कोल और बैजनाथ कोल के नाम रजिस्ट्री व राजस्व अभिलेख में दर्ज करा दिया गया

अल्ट्राटेक को बेची गई जमीन

जांच में यह भी सामने आया कि उक्त भूमि बाद में अल्ट्रा टेक सीमेंट के सरला नगर, मैहर स्थित प्रोजेक्ट को लगभग 2.50 करोड़ रुपए में बेच दी गई। हैरानी की बात यह है कि जमीन जिस राजेन्द्र सिंह के नाम की गई थी उसको भी अल्ट्रा टेक सीमेंट वाली डील की जानकारी नहीं थी और न ही उसे कोई भुगतान मिला। ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने बताया कि मामले की शिकायत 2025 में मैहर निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने की थी।

EOW ने की कार्रवाई

ईओडब्ल्यू ने प्रकरण में अशोक सिंह तत्कालीन पटवारी हल्का भदनपुर दक्षिण पट्टी, शोभा प्रसाद कोल निवासी सलैया, बैजनाथ कोल निवासी खरौंधी, दीपक लालवानी निवासी मैहर, गोपाली उर्फ गोपाल आसवानी निवासी मैहर, अज्जू उर्फ अजय सावलानी निवासी मैहर, कमला उर्फ प्रदीप कुमार सेन निवासी ग्राम बरा, रामप्रकाश जायसवाल निवासी भदनपुर उत्तरपट्टी, अन्य संबंधित राजस्व अधिकारी व व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है। जांच एजेंसी अब दस्तावेजों की कूटरचना, धन के लेन-देन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

Published on:
19 Feb 2026 02:05 pm
Also Read
View All

अगली खबर