संभागीय समीक्षा बैठक में सीएस ने कहा कि मार्च में होगी पटवारियों की ज्वानिंग, अप्रैल से फिल्ड में पहुंचेंगे नए पटवारी
सतना। राजस्व प्रकरणों को लेकर संभागीय समीक्षा बैठक बुधवार को सतना कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हो रही है। बैठक में पटवारियों की नियुक्ती आदेश का मुद्दा छाया रहा। मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि मार्च तक पटवारियों की ज्वानिंग हो जाएगी। अप्रैल से फिल्ड में नए पटवारी पहुंचेंगे। जिला मुख्यालयों में ही ट्रेंनिग दी जाएगी।
नए पटवारियों का नियुक्ति आदेश एसडीओ जारी करेगे। सीएस बसंत प्रताप सिंह के साथ प्रमुख सचिव राजस्व अरुण कुमार पाण्डेय, हरिरंजन राव, सीएलआर एम सेल्वेंद्रम सहित संभागायुक्त एसके पाल व चारों जिलों के कलेक्टर शामिल रहे। बदा दें कि मुख्य सचिव विमान से सीएम शिवराज सिंह के साथ जबलपुर तक आए थे। सीएम शिवराज को उतार कर विमान सतना सीएस हो छोडऩे आया था।
समाधान पर विचार
सतना कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने बताया कि बैठक का मुख्य एजेंडा रेवेन्यू कोर्ट में पेंडिंग केस के निराकरण की प्रक्रिया, आरसीएमएस और राजस्व विभाग से संबंधित काम को रखा गया है। माना जा रहा है कि बैठक राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों निराकरण में लगने वाले समय, लगातार विवाद का बने रहना, समय-सीमा में निर्णय नहीं आने वाली बातों को लेकर गंभीरता बरती जा रही है। इसलिए इसकी समीक्षा करते हुए समाधान पर विचार होगा।
एक दर्जन आईएएस रहे शामिल
लगभग एक दर्जन आईएएस अधिकारी मंथन करेंगे। सूत्रों की मानें तो बैठक पर प्रदेशभर के अधिकारियों की नजर है। कारण है कि इसमें लंबित प्रकरणों की समीक्षा के साथ-साथ सुधार की दृष्टि से उठाने वाले कदम पर भी चर्चा होगी। ताकि आम व्यक्तियों को ज्यादा फायदा पहुंचे। क्योंकि शासन महसूस कर रहा है कि राजस्व प्रकरणों के समय पर निराकरण नहीं होने पर सरकार की छबि खराब होती है।
जिलेवार होगी समीक्षा
बैठक में राजस्व प्रकरणों की जिलेवार समीक्षा की हुई। सतना, रीवा, सीधी व सिंगरौली के कलेक्टर को इस संबंध में अवगत भी करा दिया गया था। उनसे सभी जानकारी के साथ उपस्थित रहने को कहा गया है। इस दौरान सभी जिले के जिम्मेदार अपनी रूप रेखा तैयार कर बैठक में शामिल हुए।
सरलीकरण की दी जा रही जानकारी
राजस्व न्यायालयों के प्रक्रिया संंबधी नियमों में बदलाव और सरलीकरण की बैठक में जानकारी दी जा रही। बताया गया कि अब रजिस्ट्री होते ही नामांतरण का प्रकरण दर्ज होगा। एक मार्च से ये व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू होगी। इस दौरान सीएलआर एम सेल्वेंद्रम ने अफसरों से चर्चा कर पूरी रूप रेखा बताई।