चुनाव आयोग के पास पहुंची शिकायतों के बाद हटाए गए थे सतना कलेक्टर, नए कलेक्टर राहुल जैन ने दी आमद
सतना। चुनाव आयोग ने कलेक्टर मुकेश शुक्ला के खिलाफ लगातार मिल रहीं शिकायतों के मद्देनजर उन्हें चुनाव से पहले ही हटा दिया है। चुनाव आयोग के पास प्रदेश में सबसे ज्यादा शिकायत सतना जिले की थी। इससे कार्रवाई के संकेत सप्ताहभर से मिल रहे थे। चुनाव आयोग की टीम के मप्र पहुंचने से पहले ही उन पर कार्रवाई कर दी गई।
रामनगर की मतदाता सूची में फर्जी मतदाता का नाम जोडऩे और रामनगर का पीएम आवास घोटाले की भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त तक शिकायत की गई। इस पर शुक्रवार शाम को शासन से सतना कलेक्टर के विकल्प के रूप में तीन नाम मांगे गए, इस पर रात पौने आठ बजे राहुल जैन के आदेश जारी हो गए। वे पहले रीवा में तैनात रहे हैं। सतना में चुनाव से पहले हाल में ही कलेक्टर बदलने का यह दूसरा मामला है। नरेश पाल को चित्रकूट उपचुनाव के ठीक पहले बदला गया था।
नए कलेक्टर ने दी आमद
नगर एवं ग्राम निवेश के संचालक राहुल जैन ने बतौर कलेक्टर सतना स्थानान्तरित होने के बाद आज शाम करीब 4 बजे सतना पहुंच गए है। 2005 बैच के अधिकारी राहुल जैन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार को जबलपुर पहुंचे, जहां से सतना के लिये रवाना हुए। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर निष्पक्ष चुनाव कराना ही पहली प्राथमिकता होगी।
ऐसे हुई मामले की शुरुआत
23 अगस्त को चुनाव आयोग को मतदाताओं की फोटोयुक्त नामावली का संवेदनशील कार्य मप्र सरकार की संस्था मप्र स्टेट इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन द्वारा निजी वेंडरों से कराए जा रहे काम में हो रही गड़बडिय़ों की शिकायत की गई। आरटीआइ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने शिकायत में इन वेंडरों द्वारा नियम कानून तोड़कर, स्थानीय राजनीतिक व्यक्तियों विशेषकर सत्ताधारी के लोगों की सुविधानुसार कार्य निष्पादन के आरोप लगाए। निष्पक्ष निर्वाचन के लिए रीवा और सतना में मतदाताओं की फ़ोटो नामावली का कार्य करने वाली अतुल सिंह की एजेंसी आद्या इंटरप्राइजेज हुबली की ओर से गोपनीयता भंग कर दिल्ली और जयपुर से इपिक और मतदाताओं की नामावली का कार्य करवाने की जांच की मांग की। रीवा में निर्वाचन शाखा में पदस्थ निर्वाचन पर्यवेक्षक गौतम के कई परिवारजनों को इस आद्या इंटरप्राइजेज में नौकरी दिए जाने की जानकारी आयोग को दी गई और इसे भी गलत बताया गया। यह भी बताया गया कि आद्या फर्म ने मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में सतना जिले में अमरपाटन और रामपुर बाघेलान में पूर्व भाजपा विधायक राम खिलावन के लोगों को रखकर गोपनीयता भंग की, जिससे पासवर्ड के साथ डेटा भी लीक हुआ है। इसी बीच यह तथ्य सामने आया कि फर्जी तरीके से मतदाताओं के नाम जोड़े गए। इसका बीएलओ द्वारा खुलासा होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में पत्रिका में मामला उजागर होने के बाद जांच में गड़बड़ी पाई गई। इस पर प्रभारी तहसीलदार, शिक्षक और आउटसोर्स का ऑपरेटर इसमें दोषी पाया गया। मामले में नायब तहसीलदार अंबिका प्रसाद पांडेय सहित शिक्षक और ऑपरेटर पर कार्रवाई हो चुकी है।
269 लाख का घोटाला
कलेक्टर के खिलाफ रामनगर नगर परिषद में 269 लाख रुपए का पीएम आवास घोटाले की शिकायत हुई । इसमें भाजपा से संबद्ध नगर परिषद अध्यक्ष रामसुशील पटेल, तत्कालीन दो सीएमओ और कन्सल्टेंट दोषी पाए गए। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने वर्तमान सीएमओ को इन सभी के विरुद्ध एफआइआर के आदेश तो जारी कर दिए पर आदेश की पालना नहीं करा सके।
सांसद का ब्रिज उद्घाटन
आचार संहिता लागू होने के बाद सांसद गणेश सिंह के मैहर स्थित रेलवे ओवरब्रिज के उद्घाटन का वीडियो वायरल हुआ। मामले में कांग्रेस ने आयोग से शिकायत की, लेकिन कलेक्टर का भेजा प्रतिवेदन कांग्रेस की शिकायत के विरुद्ध रहा।
पीआरओ की भी शिकायत
जनसंपर्क अधिकारी की ओर से आचार संहिता के बाद भाजपा मंत्री का निजी कार्यक्रम आधिकारिक तौर पर जारी किया गया। इसकी भी आयोग से शिकायत की गई।
सांसद का कथन भी जुड़ा
सांसद ने विकास कार्यों को लेकर सर्किट हाउस में एक बैठक बुलाई थी। उन्होंने जिले के विकास में अधिकारियों के सामंजस्य को दोषी बताया था, लेकिन कलेक्टर को क्लीन चिट देते हुए 'कलेक्टर अच्छे हैं' सार्वजनिक तौर पर जिस अंदाज में कहा गया वह भी एक कारण के रूप में गिना जा रहा है।