सतना

नगर निगम का बजट: निगम की कमाई सिस्टम चलाने में ही खत्म, उधार और अनुदान के भरोसे होगा शहर का विकास

सतना नगर निगम का 2026-27 का प्रस्तावित बजट वित्तीय असंतुलन की कहानी कह रहा है। आय बढ़ने के दावों के बीच खर्च की रफ्तार तेज है। नतीजा करीब 19 करोड़ के घाटे का बजट जनता को मिलने वाला है।

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Mar 26, 2026

सतना। नगर निगम एमआईसी की बैठक में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव पेश किया गया। इस प्रस्ताव में निगम की वित्तीय स्थिति की मिली-जुली तस्वीर सामने आई है। एक ओर कुल आय में वृद्धि का अनुमान जताया गया है, वहीं दूसरी ओर खर्च भी उससे तेज रफ्तार से बढ़ता दिख रहा है। लगभग 19 करोड़ रुपए संभावित घाटे के इस बजट में वित्तीय संतुलन दबाव में दिख रहा है।

प्रस्तावित बजट के अनुसार वर्ष 2026-27 में निगम की कुल आय 466.63 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि कुल व्यय 486.26 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस प्रकार निगम को करीब 19.62 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ सकता है।

आय के स्रोत बढ़े, लेकिन संतुलन नहीं

बजट में राजस्व आय (टैक्स, शुल्क आदि) को 212.96 करोड़ रुपये और पूंजीगत आय (अनुदान व अन्य) को 148.08 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके अलावा अन्य मदों को मिलाकर कुल आय में वृद्धि दिखाई गई है। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में आय में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन यह बढ़ोतरी खर्च के अनुपात में पर्याप्त नहीं दिखती। हालांकि आय के मामले में शासन स्तर से भी खेल हो रहा है। चुंगी क्षतिपूर्ति शासन पूरी नहीं दे रही है। बिजली बिल कटौती के नाम पर काफी राशि काट रहा है जबकि निगम बिजली बिल अपना स्वयं देता है।

खर्च का बड़ा हिस्सा राजस्व मद में

निगम के खर्च का बड़ा हिस्सा अब भी राजस्व व्यय (वेतन, सफाई, रखरखाव) में जा रहा है। वर्ष 2026-27 में राजस्व व्यय 205.33 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि निगम की अधिकांश कमाई रोजमर्रा के कामकाज में ही खर्च हो रही है।

पूंजीगत व्यय में उछाल

विकास कार्यों के लिए पूंजीगत व्यय 168.10 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा अन्य पूंजीगत मदों को मिलाकर कुल खर्च तेजी से बढ़ा है। इससे नजर आ रहा है कि निगम विकास कार्यों (सड़क, सीवर, इंफ्रास्ट्रक्चर) पर जोर दे रहा है, लेकिन इसके लिए वित्तीय दबाव भी बढ़ रहा है।

पिछले वर्ष की तुलना

2024-25 में कुल आय: 281.41 करोड़ रुपये

2025-26 अनुमान: 456.97 करोड़ रुपये

2026-27 प्रस्ताव: 466.63 करोड़ रुपये

वहीं खर्च भी तेजी से बढ़ा:

2024-25: 211.62 करोड़ रुपये

2025-26 अनुमान: 459.97 करोड़ रुपये

2026-27 प्रस्ताव: 486.26 करोड़ रुपये

घाटा बढ़ने की स्थिति

एमआईसी में जो बजट प्रस्तुत किया गया है अगर उसे देखें तो निगम की राजस्व आय सीमित है जबकि राजस्व व्यय अधिक है, जिससे बचत नहीं हो पा रही है। इस वजह से विकास कार्यों के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ रहा है, जिससे घाटा बढ़ने की स्थिति बन रही है।

ये है आय का अनुमान

जलापूर्ति से - 54.93 करोड़ रुपए जबकि पिछले वर्ष 45.69 करोड़ था

संपत्तिकर से - 65.35 करोड़ रुपए जबकि पिछले वर्ष 59.93 करोड़ था

दुकान पंजी किराया सेल से - 6.42 करोड़ जबकि पिछले वर्ष 6.67 करोड़ था

कुल राजस्व आय - 71.78 करोड़ रुपए जबकि पिछले वर्ष 66.60 करोड़ था

क्षतिपूर्ति और अनुदान से - 74.70 करोड़ जबकि पिछले वर्ष 75.19 करोड़ था

कुल आय - 212.96 करोड़ रुपए जबकि पिछले वर्ष 197.15 करोड़ था

यहां जाएगा पैसा

पार्षद निधि - 11.25 करोड़

नाली, नाला और पुलिया निर्माण - 10 करोड़

नाली, नाला पुलिया मरम्मत - 4 करोड़

अवैध कालोनियों में अधोसंरचना विकास - 5 करोड़

चौराहा विकास और शहर सौंदर्यीकरण - 5 करोड़

स्ट्रीट लाइट - 2 करोड़

बिजली खंभे, तार, ट्रांसफार्मर - 6 करोड़

रोड स्वीपिंग मशीन विथ ओएण्डएम - 2.50 करोड़

जेसीबी - 1.10 करोड़

ट्रक डम्पर व स्वास्थ्य वाहन क्रय - 2.80 करोड़

शव वाहन - 30 लाख

सामुदायिक व अन्य भवन निर्माण - 5 करोड़

शॉपिंग कॉम्पलेक्स निर्माण - 8 करोड़

पार्किंग स्थल, हाकर्स कार्नर, यात्री प्रतीक्षालय - 3 करोड़

सेवा बस्ती अधोसंरचना विकास - 5 करोड़

सड़क निर्माण - 35 करोड

सड़क मरम्मत - 6 करोड़

अतिथि सत्कार - 20 लाख

प्रचार प्रसार - 45 लाख

Updated on:
26 Mar 2026 10:09 am
Published on:
26 Mar 2026 10:08 am
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