
Satna News : मध्य प्रदेश के सतना जिले के अंतर्गत आने वाले नागौद के पूर्व राजघराने की परसमनिया गढ़ी में 11 जून को हुए बहुचर्चित गोलीकांड के बाद दर्ज मारपीट प्रकरण में नामजद आरोपी नागेंद्र सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। नागेंद्र सिंह घायल योगिता सिंह के भाई और रूपेंद्र सिंह के साले हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में नागेंद्र सिंह समेत तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा के साथ मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में नागेंद्र सिंह और दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसी बीच नागेंद्र सिंह ने जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। पुलिस मामले की विवेचना जारी रखे हुए है।
पुलिस के अनुसार रूपेंद्र सिंह की मेडिकल रिपोर्ट में उनके बाएं हाथ की कोहनी के नीचे फ्रैक्चर पाया गया था। रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 117 (गंभीर चोट पहुंचाना) बढ़ाई गई थी। इससे पहले उनके बयान पर नागेंद्र सिंह और दो अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़ एवं अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए थे, जिनमें रूपेंद्र सिंह के साथ मारपीट होती दिखाई दी थी। आरोप है कि, विवाद के दौरान गढ़ी में रखे पुरखों के फोटो फ्रेम तोड़कर उनसे हमला किया गया था, जिससे उन्हें सिर, कान और कंधे में चोटें आई थीं। हालांकि पुलिस को गंभीर चोट हाथ में फ्रैक्चर के रूप में मिली।
दूसरी ओर गोली लगने से घायल हुईं योगिता सिंह का उपचार अभी भी रीवा के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, उनकी हालत में पहले की अपेक्षा सुधार है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
पुलिस जांच के अनुसार, रूपेंद्र सिंह और उनकी पत्नी योगिता सिंह के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। 11 जून को योगिता सिंह अपने परिजन के साथ परसमनिया गढ़ी पहुंची थीं। उस समय गढ़ी में रूपेंद्र सिंह के साथ उनकी कथित बिजनेस पार्टनर सुनीता सिंह परिहार मौजूद थीं। इसी दौरान दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।
आरोप है कि विवाद के बीच सुनीता सिंह परिहार ने खुद को कमरे में बंद कर खिड़की से कई राउंड फायर किए, जिनमें से एक गोली योगिता सिंह के पेट में लगी थी। पुलिस फायरिंग की आरोपी सुनीता सिंह परिहार को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि मारपीट मामले में नामजद आरोपियों की तलाश अभी जारी है।