राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस विशेष
सतना. आज राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस है। राष्ट्र की युवाशक्ति के व्यक्तित्व विकास के लिए युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित एक सक्रिय कार्यक्रम है। इसकी गतिविधियों में भाग लेने वाले समाज के लोगों के साथ मिलकर समाजहित के कार्य करते हैं। साक्षरता संबंधी कार्य, पर्यावरण सुरक्षा, स्वास्थ्य और सफ ाई, आपातकालीन या प्राकृतिक आपदा के समय पीडि़त लोगों की सहायता करते हैं। विद्यार्थी जीवन से ही समाजपयोगी कार्यों में कार्यरत रहने से उनमें समाज सेवा या राष्ट्र सेवा के गुणों का विकास होता है। यही वजह है कि शहर के नौजवानों को एनएसएस की गतिविधियां बेहद भा रही हंै।
एनएसएस की जिला संंगठन प्रभारी डॉ. क्रांति राजौरिया ने बताया कि जिलेभर में 50 यूनिट एनएसएस की हंै। प्रत्येक यूनिट में 100 स्वयंसेवक का पंजीयन होता है। देखा जाए तो शहर में पांच हजार स्वयंसेवक कार्यरत हैं। तीस यूनिट बहुत ही अधिक एक्टिव है, जबकि 20 यूनिट पूरी तरह से एक्टिव नहीं है। उसे एक्टिव किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस तरह करते हैं कार्य
स्वयंसेवकों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि वे सभी मिलकर किसी कार्य को अंजाम देते हैं। विद्यालय परिसर में हर शनिवार वे सफाई का कार्य करते हैं। गांव-गांव में शिविर लगाकर लोगों को सफाई, शिक्षा और स्वस्थ्य, नशामुक्ति के लिए जागरूक करते हैं। समय-समय पर मेडिकल चेकअप शिविर भी लगाते हैं। रैलियों, नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक गतिविधियों से लोगों तक जन जागरूकता लाने का प्रयास करते हैं।
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इन्होंने किया शहर को गौरवान्वित - फोटो एसटी २४५७ प्लस
स्वयंसेवक आशीष सिंह बघेल कहते हैं कि राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़ाव प्रथम रक्तदान के साथ डॉ. सीएम तिवारी राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से हुआ। वर्ष २०१४ से निरंतर, नियमित एवं विशेष शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नियमित गतिविधियों में रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, वन्य प्राणी संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं, मतदाता जागरूकता अभियान में हिस्सा लिया। इकाई स्तरीय शिविर, जिला स्तरीय शिविर, राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर, पूर्व गणतंत्र परेड शिविर रांची एवं भोपाल, राष्ट्रीय एकात्मता शिविर मैसूर कर्नाटका, राष्ट्रीय साहसिक गतिविधि शिविर धर्मशाला हिमाचल प्रदेश में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। जब शहर में बाढ़ आई तो उसमें भाग लिया। जिसके लिए कलेक्टर से सम्मानित भी हुआ।
2010 से ही एनएसएस से जुड़ गया। मैंने यहां पर अनुशासन सीखा। प्री आरडी तक जगह बनाया। एडवेंचर शिविर में भाग लिया। सिल्वर मेडल हासिल किया।
अभिषेक द्विवेदी, स्वयंसेवक
कॉलेज की शुरुआत में ही 2016 से एनएसएस को ज्वाइन किया है। इन चार सालों में बहुत कुछ अच्छा सीखने को मिला। राज्य स्तरीय कैंप में मैंने मध्यप्रदेश को प्रजेंट किया। नेतृत्व क्षमता के गुण इसी से विकसित हुआ।
रश्मि सिंह, स्वयंसेवक
शहर में एक्टिव स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ रही है। जिले में अभी और भी स्कूलों और कॉलेज में एनएसएस यूनिट खोलने के विचार हैं।
डॉ. क्रांति राजौरिया, जिला संगठन मंत्री, एनएसएस