
सिंगरौली। कबाड़ चोरों ने गुरुवार की रात जयंत परियोजना स्थित आइओसी टैंक को क्षतिग्रस्त कर दिया। जिससे हजारों लीटर डीजल पानी में बह गया। आइओसी के अधिकारियों ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। फिलहाल, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। बताया गया है, एनसीएल क्षेत्र में कबाड़ चोरों का आतंक है। आए दिन वारदातें कर रहे हैं।
कभी मशीन के उपकरण तो कभी बिजली के केबिल काट ले जाते हैं। एनसीएल के सुरक्षाकर्मी बैठे रहते हैं। वजह है कि, कबाड़ चोर हथियारों से लैस होकर खदान क्षेत्र में घुसते हैं। कोई रोकता है तो जानलेवा हमला कर देते हैं। आरोप है कि, एनसीएल के सुरक्षाकर्मी भी उनसे मिले रहते हैं।
ये है मामला
बता दें कि, गुरुवार की रात भी आधा दर्जन कबाड़ चोर जयंत परियोजना की खदान में चोरी की नीयत से घुसे। सभी हथियारों से लैस थे। वहां से एनसीएल के परियोजना क्षेत्र स्थित आइओसी के डिपो में गए। और, टैंक को तोड़ दिया। जिससे 26 हजार लीटर डीजल पानी में बह गया।
डीजल रिहंद डैम के पानी में मिल गया
इधर, एनसीएल के अधिकारियों का कहना है कि चोर आइओसी के पुराने डीजल प्वाइंट सेफ्टी वॉल्व खोल दिए। जिससे डीजल बह गया। जो किसी के काम नहीं आया। समूचा डीजल नालों के जरिए रिहंद डैम के पानी में मिल गया। वहां पानी प्रदूषित होने का भी खतरा बढ़ गया।
डिपो सीआइएसएफ के हवाले
एनसीएल के जनसंपर्क अधिकारी एसके सिंह ने बताया, गुरुवार देररात जयंत खदान क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों को आभास हुआ कि कुछ लोग चोरी की नीयत से खदान क्षेत्र में घुस आए हैं। सुरक्षाकर्मियों ने हवाई फायरिंग की। जिससे चोर आइओसी के डिपो की ओर भागे।
अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज
कुछ देर बाद चोरों ने पुराने डीजल प्वाइंट सेफ्टी वॉल्व को खोला और भाग गए। जानकारी होते ही सीआइएसएफ के जवानों को डिपो की सुरक्षा में तैनात कर दिया गया। आइओसी के अधिकारियों ने भी जयंत चौकी में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।