2 मार्च से प्रारंभ हो जाएगी सुविधा
सतना. राज्य शासन ने अब भू-अभिलेखों की प्रति देने का लोक सेवा केन्द्रों का एकाधिकार समाप्त करते हुए इसे एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर से भी जोड़ दिया है। आयुक्त भू-अभिलेख ने निर्धारित दरों पर भू-अभिलेख की प्रतियां भू-स्वामी को प्रदान करने के लिये एमपी आनलाइन को सेवा प्रदाता नियुक्त कर दिया है। यह सुविधा 2 मार्च से प्रारंभ हो जाएगी।
बताया गया है कि वेब जीआईएस साफ्टवेयर के माध्यम से अब नागरिकों को शासन ने निर्धारित दरों पर एमपी आनलाइन कियोस्क से भू-अभिलेख की प्रतियां प्रदाय की जा सकेंगी। जिले में इस सेवा की शुरुआत 2 मार्च से समारोह पूर्वक कियोस्क सेंटर से की जाएगी। इसके लिये संबंधित कियोस्क में कलेक्टर और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे साथ ही शासकीय सेवकों की ड्यूटी भी उस दिन लगाई जाएगी। अपर कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि तय तारीख को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं।
यह होगी फीस
एमपी आनलाइन कियोस्क से भू-अभिलेख की प्रतियां प्राप्त करने के लिये शुल्क भी निर्धारित किया गया है। इसके तहत एक साल और पांच साल खसरा या खाता जमाबंदी, अधिकार अभिलेख का प्रथम पृष्ठ 30 रुपये तथा प्रत्येक अतिरिक्त पृष्ठ 15 रुपये में मिलेगा। वाजिब उल अर्ज निस्तार पत्रक के लिये प्रथम पेज 30 रुपये अन्य पेज 15 रुपये में मिलेगी। इसी दर पर ए-4 आकार में नक्शे की प्रति भी मिलेगी। यहीं दरे खसरा प्रतिलिपि, बी-1 प्रतिलिपि, नक्शा प्रतिलिपि, खातावार खसरा प्रतिलिपि के लिये लागू रहेंगी।
30 मिनट में मिल जाएगी प्रतिलिपि
बताया गया है कि नागरिक को प्रतिलिपि लेने के लिये कियोस्क सेंटर में आवेदन करना होगा। आन लाइन आवेदन करने के 30 मिनट के भीतर डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेख प्रतिलिपि कियोस्क सेंटर से प्राप्त हो जाएगी। सेवा शुल्क का नगद भुगतान करने पर रसीद की व्यवस्था रहेगी। अगर रसीद नहीं दी जाएगी तो कियोस्क संचालक पर कार्रवाई होगी। अगर तय शुल्क से ज्यादा की राशि कियोस्क संचालक करता है तो इसकी शिकायत 0755-6720200 पर की जा सकेगी।
बंधक दर्ज कराने तहसील के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं
बताया गया है कि खसरे में बंधक दर्ज करने के लिये वेब जीआईएस साफ्टवेयर में सभी बैंकों को लॉगइन दे दिये गए हैं। इसके लिये अब भू-स्वामी को तहसील कार्यालय में आकर बंधक दर्ज करने आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी। अब नामांतरण, बंटवारा, बंधक के आदेश को खसरे में अमल कर भू-स्वामी को अविलंब प्रदाय किया जा सकेगा। वेब जीआईएस के माध्यम से व्यपवर्तन की सूचना एवं राजस्व भुगतान तत्काल किया जा सकेगा।