कई महीनों से आरपीएफ कर रही थी तलाश, चोरों के साथ खरीददार जेल भेजा गया
सतना. रेल विद्युतीकरण का ओएचइ वायर काटने और उसे चोरी करने वाले गिरोह तक आखिरकार रेल सुरक्षा बल पहुंच ही गया। इस गिरोह ने रेलवे का बड़ा नुकसान करते हुए सुरक्षा बल की नाक में दम कर रखा था। छह महीने बाद इस गिरोह के मिलने पर अब आरपीएफ ने राहत की सांस ली है।
बताया गया है कि सतना रीवा रेल मार्ग में फरवरी, मई व अगस्त में ओएचइ वायर काटने व चोरी करनेे के मामले सामने आए थे। गुरुवार को आरपीएफ को मुखबिर से चोर गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। जिसके बाद मण्डल सुरक्षा आयुक्त अनिल भालेराव, सहायक सुरक्षा आयुक्त संतोष लाल हंसदा को खबर दी गई। मण्डल अधिकारियों के निर्देश पर आरपीएफ सतना पोस्ट प्रभारी मानसिंह के नेतृत्व में एसआइ जितेन्द्र देव मिश्रा, आरक्षक प्रमोद कुमार मिश्रा, अजीत सिंह यादव, रीवा से एएसआइ एसडी पाण्डेय, प्रधान आरक्षक रोहित पाण्डेय व जबलपुर से प्रधान आरक्षक पुष्पराज पाण्डेय की टीम बनाई गई। इस टीम ने रामपुर बाघेलान इलाके के कई गांव में दबिश दी। जहां से आरोपियों को पकड़ा गया।
यह हैं आरोपी
रेल सुरक्षा बल ने ओएचइ वायर काटने और चोरी करने के मामले में आरोपी बृजकिशोर नट उर्फ गोलू पुत्र लालमन नट (25) निवासी ग्राम तिउनी थाना रामपुर बघेलान, आनंद प्रताप उर्फ बंटा पुत्र कन्हैया लाल सिंह (24) निवासी महिदल, विपिन सिंह पुत्र तेजभान सिंह (23) निवासी ग्राम कोटर को पकड़ा। इनकी निशानदेही पर चोरी का तार खरीदने के आरोप में बाबूखान पुत्र मो. अब्बास (32) निवासी खारी थाना रामपुर बघेलान को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 3 आरपी (यूपी) एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
यह जब्त किया गया
आरपीएफ का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने हिनौता से रामवन, बगहाई के बीच रेलवे के किमी नंबर 1205/8-9 के मध्य से रेलवे के तांबे के ओएचइ तार काटकर चोरी करने का अपराध स्वीकार किया। खरीददार बाबूखान के कब्जे से रेलवे की तांबे की ओएचइ कंटेनरी वायर 82 मीटर जब्त की गई। बताया गगया है कि आरोपी गोलू नट व आरोपी विपिन ने मई व अगस्त महीने में भी तुर्की से बगहाई सेक्शन में ओएचइ वायर काटने का प्रयास किया था। लेकिन पुलिस की गाड़ी आ जाने पर आरोपी दो वायर मौके पर छोड़ भाग निकले थे। आरोपियों को रेल न्यायालय जबलपुर में पेश करते हुए जेल भेज दिया गया है।