इंतजार में शहरवासी: पद्मावत का इंतजार, संचालक आदेश के पालन को तैयार
सतना। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पद्मावत फिल्म को संपूर्ण भारत में एक साथ रिलीज करने की झंडी मिलने के बाद अब सतना वासियों में भी फिल्म को लेकर उत्सुकता जाग उठी है। मल्टीप्लेक्स संचालक भी अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन की बात कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एमपी, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा है कि जब सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल गया है तो इस फिल्म को रिलीज होने से क्यों रोका जा रहा है? यदि किसी को कोई समस्या है तो वह राहत के लिए अपीलीय ट्रिब्यूनल में अप्रोच कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सम्मान
मामले में सतना स्थित आई म्यूजिका के संचालक सिद्धार्थ देव सिंह ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हैं। कोर्ट के आदेशों का पालन करने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं और तय तिथि पर फिल्म रिलीज की जाएगी।
प्रशासन से मदद की अपेक्षा
लेकिन इसके पहले जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पहले जिला प्रशासन और गणमान्य नागरिक प्रतिनिधियों को यह फिल्म दिखाई जाएगी। साथ ही प्रशासन से भी मदद की अपेक्षा रखेंगे। इससे इतर सतना वासियों की राय ली गई तो ज्यादातर फिल्म रिलीज होने के पक्ष में अपनी सहमति दिखाई।
सुप्रीम कोर्ट ने जब फिल्म रिलीज के आदेश दे दिए हैं तो फिर कोई बात ही नहीं है। फिल्म रिलीज होनी चाहिए। जब फिल्म देखेंगे तभी तो पता चलेगा कि हकीकत क्या है? फिल्म लगती है तो हम देखने जाएंगे।
आशीष तिवारी, सतना
फिल्मों के नीति निर्धारण की संस्था सेंसर बोर्ड है। उसने पास कर दिया है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सहमति जता दी है तो फिल्म रिलीज न होने का कोई सवाल ही नहीं उठता। फिल्म को लेकर अब तो उत्सुकता बढ़ गई है।
कन्हैया लाल शर्मा, सतना
सेंसर बोर्ड और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद फिल्म बिल्कुल रिलीज होनी चाहिए। जहां तक आस्था की बात है तो वह तभी सही होगी जब फिल्म देखी जाएगी। आपत्ति है तो समाज के प्रतिनिधियों और प्रशासन को पहले देखकर संतुष्ट होना चाहिए।
अश्विनी सिंह, सतना
अब तो हमें पद्मावत फिल्म का इंतजार है। जिस तरीके से इस फिल्म को लेकर मामला खड़ा हुआ है इस फिल्म को देखने की उत्सुकता बढ़ गई है। लेकिन फिल्म रिलीज की बात की जाए तो सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद फिल्म न रिलीज करने का तो सवाल ही नहीं उठता।
मोहित गुप्ता, सतना