खखरी और झोपड़ी बनाकर किए जा रहे अवैध कब्जे, नगर के असरदार लोगों द्वारा कराया जा रहा कब्जा
पन्ना। जिला मुख्यालय स्थित नवीन कलेक्ट्रेट भवन का लोकार्पण 4 अप्रैल को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने किया था। कलेक्ट्रेट भवन का लोकार्पण हुए करीब दो माह पूरे हो रहे हैं। इसके बाद भी अभी तक कलेक्ट्रेट कार्यालय शिफ्ट होने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई है। करीब एक पखवाड़े पूर्व यहां बिजली भी पहुंच गई है।
कार्यालय शिफ्ट नहीं होने से पहाड़ी के नीचे बाइपास मार्ग पर सैकड़ों लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। यह अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। अभी अतिक्रमण तो झुग्गी-झोपड़ी के रूप में ही हो रहा है लेकिन अतिक्रमण कराने के पीछे शहर के कुछ असरदार लोगों का हाथ भी बताया जा रहा है।
ये है मामला
गौरतलब है कि, पन्ना का कलेक्ट्रेट भवन जिला बनने के साथ से ही महेंद्र भवन में संचालित हैं। नवीन भवन बनकर तैयार होने के साथ ही लोगों को उम्मीद थी कि अब कलेक्ट्रेट नवीन भवन में शिफ्ट हो जाएगा, लेकिन लोकार्पण के दो माह बाद भी जिला प्रशासन शिफ्टिंग की कार्रवाई शुरू नहीं कर पाया है। जबकि यहां बिजली की सप्लाई पहुंचने की करीब एक पखवाड़े पूर्व जानकारी दी गई थी। यहां हालत यह है कि लोकार्पण के पूर्व से ही बड़ी संख्या में लोग पूरी पहाड़ी में अवैध रूप से अतिक्रमण कर रहे हैं। अब तक यहां सैकड़ों की संख्या में लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। कुछ लोगों ने संबंधित जमीन में बोल्डरों की दीवार खड़ी कर ली है तो कुछ ने पत्थरों की लाइन बनाकर अपना अतिक्रमण चिन्हित कर लिया है। क्षेत्र में अतिक्रमण कारियों की संख्या आए दिन बढ़ती जा रही है।
बाईपास को कलेक्ट्रेट भवन से जोड़ने नहीं बनी सीढ़ियां
नव निर्मित कलेक्ट्रेट भवन को बाइपास से जोडऩे के लिए तत्कालीन कलेक्टर शिवरानारण सिंह चौहान ने निर्देश दिए थे। उनके बाद कलेक्टर सिंथिया ने भी सीढिय़ा बनवाने के लिए कहा था। करीब तीन साल बाद भी अभी तक बाइपास को कलेक्ट्रेट भवन से जोडऩे के लिए सीढिय़ों का निर्माण नहीं किया जा सका है। सीढिय़ों का निर्माण होने की स्थिति में लोगों को कलेक्ट्रेट तक पहुंचने के लिए कोर्ट भवन के अंदर के रास्ते का उपयोग नहीं करना पड़ता।
वकीलों को भी हो रही परेशानी
कलेक्ट्रेट के शिफ्टिंग नहीं होने से वकीलों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वकीलों ने बताया कि अभी राजस्व संबंधी केसों की सुनवाई के लिए पुराने कलेक्ट्रेट भवन ही जाना होता है। जबकि अन्य केसों की सुनवाई जिला कोर्ट में ही होती है। ऐसे हालात में उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक भटकना पड़ता है। वार एसोसिएशन की ओर से भी कलेक्ट्रेट को जल्द नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन में शिफ्ट करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। जिसको लेकर वकीलों में असंतोष है।