प्रिंसिपल चीफ कॉमर्शियल मैनेजर रेलवे ने लिया यात्री सुविधाओं का जायजा
सतना/ रेलवे के प्रिंसिपल चीफ कॉमर्शियल मैनेजर एसके दास ने शनिवार को सतना सहित कैमा, जैतवारा, मझगवां और रीवा रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का जायजा लिया। सतना रेलवे स्टेशन के जनरल वेटिंग रूम में अव्यवस्था देखने को मिली। शौचालय की साफ-सफाई नहीं कराई गई थी। वहां से बदबू आ रही थी। जैतवारा और मझगवां स्टेशन पर पेयजल की सुविधा नहीं थी। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा था। पीसीसीएम एसके दास जनरल वेटिंग रूम के शौचालय से आ रही बदबू से भड़क गए। जिम्मेदारों को तलब कर पूछा कि यह क्या है, कैसी निगरानी करते हो।
प्राथमिक सुविधाओं तक का ख्याल नहीं रख पा रहे हो। जैसे अन्य वेटिंग रूम में शौचालय व्यवस्थित हैं, उसी तरह जनरल वेटिंग रूम में भी दो दिन के अंदर व्यवस्था करो। पीसीसीएम ने प्लेटफार्म क्रमांक एक का भ्रमण कर स्टॉलों का भी जायजा लिया। संचालकों को नो बिल-नो पेमेंट की सूचना बड़े-बड़े अक्षरों में स्टॉल में लगाने के सख्त निर्देश दिए। प्रबंधन को भी स्टॉल को रूटीन जायजा लेने के निर्देश दिए। रेलवे स्टेशन परिसर, डीलक्स रूम और टिकट काउंटर का भी जायजा लिया।
टॉपिंग अप की हुई शुरुआत
टॉपिंग अप के जरिए सतना से कटनी और कटनी से सतना के बीच 13 जोड़ी अप-डाउन की 26 ट्रेनों को इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ाने का निर्णय लिया गया है। शुरुआत शनिवार से की गई। कटनी-मुड़वारा-सतना के बीच टॉपिंग अपडाउन साइड में 11071 कामायनी एक्स्प्रेस में 14 सितम्बर से इलेक्ट्रिक के साथ डीजल इंजन लगाया गया। इलेक्ट्रिक इंजन के साथ डीजल इंजन लगाकर सतना तक पहुंचाया गया। सतना पहुंचने के बाद डीजल इंजन हटाकर इलेक्ट्रिक इंजन लगा मानिकपुर की ओर रवाना की गई। तीन अन्य ट्रेनों में भी इलेक्ट्रिक के साथ डीजल इंजन लगाया गया।
दो दिन में पानी की करो व्यवस्था
पीसीसीएम ने कैमा, जैतवारा और मझगवां रेलवे स्टेशन का जायजा लिया। जैतवारा और मझगवां स्टेशन पर पेयजल की सुविधा नहीं है। इससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि, दोनों स्टेशनों पर रेलवे के खुद के बोर हैं। पीसीसीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधन को पेयजल का प्रबंध करने दो दिन का अल्टीमेटम दिया।