- अनिवार्य सेवा निवृत्ति की चेतावनी - राशि दुरुपयोग पर एफआईआर के निर्देश पर कर रहा था हीलाहवाली - जिपं सीईओ ने सोहावल जनपद के रैगांव सेक्टर की ली बैठक
सतना. वित्तीय वर्ष समाप्ति के पहले पीएम आवास का शत प्रतिशत लक्ष्य को लेकर जिपं सीईओ ऋजु बाफना लगातार आवास निर्माण के काम में तेजी के लिये काम कर रही हैं। इसके लिये न केवल फील्ड भ्रमण किया जा रहा है बल्कि लगातार सेक्टर स्तर पर बैठकें भी ली जा रही है। पिछली सेक्टर बैठक में ऐसे लोग जो राशि लेकर निर्माण कार्य तो कराए नहीं बल्कि अन्यत्र चले गए हैं उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन पीसीओ ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर जिपं सीईओ ने मंगलवार की समीक्षा बैठक में संबंधित पीसीओ की वेतन वृद्धि रोकने के आदेश देने के साथ ही सात दिन में एफआईआर नहीं होने पर अनिवार्य सेवा निवृत्ति देने के निर्देश दिए। इस दौरान उपयंत्री को भी फटकार लगाई गई। इस दौरान निर्मित नवीन समुदायिक भवन व ग्राम पंचायत का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत भवन में रैम्प ठीक ना होने पर पुन: सुधार कराने के निर्देश दिए।
नहीं दर्ज करा रहा था एफआईआर
मंगलवार को जिपं सीईओ बाफना ने जनपद सोहावल की ग्राम पंचायत रैगांव में सेक्टर बैठक लीं। जिसमें जनपद सीईओ सहित उपयंत्री, पीसीओ, सचिव, जीआरएस व जनपद के प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में ग्राम पंचायत डेलौरा, डेलौरी, मुड़हा, नारायणपुर,रैगांव, शिवपुर, धौरहरा, मसनहा, उजरौधा, भंवर, चोरबरी एवं करसरा सेक्टर के सचिव जीआरएस उपस्थित रहे। पुराने नये आवासों की समीक्षा में यह जानकारी आई कि संबंधित हितग्राही राशि लेकर बाहर चला गया है। इस पर संबंधित पीसीओ पीसीओ महेश तिवारी एवं उपयंत्री अजय खरे को जिपं सीईओ ने खड़ा किया। इस पर ये दोनों सफाई देने लगे। यह सुन जिपं सीईओ ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप लोगों को किस तरीके से समझाना पड़ेगा। हर बार सफाई देने लगते हो काम काज कुछ करना नहीं है। इसके साथ ही मामले में लापरवाही बरतने और कोई कार्रवाई नहीं करने पर पीसीओ तिवारी की एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए। साथ ही अगली पेशी में जिला पंचायत कार्यालय में उपस्थित होने कहा। साथ ही निर्देश दिए कि अगर सात दिन में इनके द्वारा सम्बधित हितग्राहियों के विरुद्ध कार्यवाही न की जाती है तो इन्हें अनिवार्य सेवा निवृत्ति दे दी जाए। इसी तरह ऐसे हितग्राहियों के खातों पर रोक नहीं लगाने पर रैगांव सचिव को वित्तीय प्रभार से हटाने के निर्देश दिए गए। इनके द्वारा आवास योजना में रुचि नहीं ली जा रही थी।
उपयंत्री को फटकार
समीक्षा के दौरान उपयंत्री अजय खरे का कामकाज काफी ढीला ढाला पाया गया। इस पर उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि जिले के अन्य उपयंत्रियों से सीखिए, जो अच्छा काम कर रहे है। उनसे सीख लेते हुए आपके क्ष़्ोत्र जितने भी निर्माण कार्य चल रहे है चाहे वह किसी भी योजना के हों उन्हें समय पर पूरा कराएं। साथ ही फील्ड में काम की निरंतर निगरानी करें।
जीआरएस की सराहना
शौचालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा में भंवर ग्राम पंचायत की जीआरएस माया पाण्डे द्वारा अच्छा कार्य कराये जाने तथा स्पष्ट जबाव दिये जाने पर उपस्थित समस्त सचिव/उपसचिव को इससे सीख लेने को कहा गया। साथ ही उनकी सराहना की गई।
हितग्राही के वारिस को मिलेगा लाभ
जिपं सीईओ ने उपस्थित लोगों को बताया कि आवास योजना के हितग्राही की आकस्मिक मृत्यु होने के बाद उसके वारिस को योजना का लाभ दिया जा सकेगा लेकिन यह कार्रवाई तहसीलदार व पटवारी से अनुमोदन लेने के पश्चात ही तय प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही दिया जाएगा।