बैंकों की विश्वसनीयता खतरे में, सरकार करे कार्रवाई
सतना। बैंकों में शुरू हुए घोटाले पर जल्द ही चाबुक नहीं कसी गई तो आम खाताधारकों का पैसा डूबना तय है। जब बैंक के पास पैसे ही नहीं रहेगा तो देंगे कहां से। पीएनबी के अधिकारियों से मिलीभगत कर महाघोटाला करने वाले नीरव मौदी चर्चा का बिंदु बने हुए हैं।
11400 करोड़ का घोटाला
इस मामले को लेकर खाताधारकों ने ऐसी ही प्रतिक्रिया दी। पंजाब नेशनल बैंक में 11400 करोड़ के घोटाले के मामले से यहां शहर में बैंक के ज्यादातर खाताधारक अवगत हैं।
आम आदमी की नजर में बैंकों की साख प्रभावित
शनिवार को बैंक में लेन-देन के लिए पहुंचे खाताधारकों से बातचीत के बाद कुछ ऐसा ही जान पड़ा। ज्यादातर खाताधारकों ने कहा कि इस तरह के घोटाले आम आदमी की नजर में बैंकों की साख को प्रभावित करेगा। लोग बड़ा बजट बैंक में जमा करने से कतराएंगे।
शेयर मार्केट में पैसा लगाने वाले परेशान
पीएनबी में घोटले के बाद वह लोग ज्यादा परेशान हैं। जो बैंक के शेयर में पैसा लगा बैठे हैं। अच्छा मुनाफा कमाने के फेर में पैसा लगाने वाले एक ग्राहक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनके द्वारा ५ लाख रुपए लगाए गए हैं। उन्हें डर लग रहा है कि कहीं भारी नुकसान नहीं हो जाए।
25 वर्षों से पीएनबी का खाताधारक
पिछले 25 वर्षों से पीएनबी का खाताधारक हूं। पैसा डूब जाएगा। यह बात जेहन में अभी नहीं आई है। घोटालेबाजों के साथ सख्ती नहीं की गई तो वह दिन दूर नहीं जब हम जैसे लोगों को पैसा जमा करें या नहीं, यह सोचना पड़ेगा।
गोविंद कुमार, खाताधारक पीएनबी
घोटाले की जानकारी के बाद हैरत हुई। मेरा खाता दूसरे बैंक में है और बैलेंस कम है। इसलिए बहुत परेशान नहीं हुआ। लेकिन यह बात मन में जरूर आई कि कहीं खाताधारकों की रकम न डूब जाए। हालांकि ऐसा होना नहीं चाहिए।
प्रदीप सक्सेना, समाजसेवी