सतना

पुलिस साप्ताहिक अवकाश: पहली छुट्टी पर बीवी-बच्चों को घुमाया, होटल में खाना खिलाया

पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश पर खुश है पुलिस परिवार, कई थानों में अभी रोस्टर पर अमल नहीं

2 min read
Feb 08, 2019
Police saptahik avkash, mp police weekly leave rules in hindi

सतना। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जिस छुट्टी का पुलिस विभाग के अफसर और कर्मचारियों को बेसब्री से इंतजार था वह कुछ के हिस्से आ गई है। एक जनवरी से शुरू हुए साप्ताहिक अवकाश की पहली छुट्टी बुधवार को मिली। हालांकि अभी भी कई थानों के कर्मचारी इंतजार में हैं कि उनके हिस्से साप्ताहिक अवकाश कब आएगा। पहली छुट्टी का अनुभव भी पुलिसकर्मी और उनके परिवार के लिए खुशी भरा रहा। कोई परिवार के साथ बाहर घूमने गया तो किसी ने बाजार से खरीदारी की। होटल में खाना खाया और पुलिस ड्यूटी से तनावमुक्त होकर एक-एक पल अपनों के साथ बिताया।

साहब का आदेश नहीं मिला
जिले के बाकी थानों में रोस्टर तो बन गए लेकिन साप्ताहिक अवकाश पर अमल शुरू नहीं हुआ। पूछने पर ज्यादातर थानों से जवाब मिला कि साहब (थाना प्रभारी) का आदेश नहीं मिला है। मैहर और सिविल लाइन थाना में साप्ताहिक अवकाश की शुरूआत से अब सभी थानों के कर्मचारी उत्साहित होकर अपनी छुट्टी के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। काम ज्यादा और बल की कमी होने पर अवकाश नहीं दे पाने का तर्क थाना प्रभारी दे रहे हैं।

परिवार के साथ प्रयागराज
मैहर थाना में पदस्थ आरक्षक संजय तिवारी को जब पता चला कि अगले दिन उन्हें पहली बार अवकाश मिलने वाला है तो उन्होंने प्रयागराज जाकर कुंभ स्नान की योजना बना ली। नाइट ड्यूटी के बाद अगली सुबह पत्नी छाया तिवारी और बेटी निष्ठा के साथ वह मैहर से रवाना हो गए। बकौल संजय, अब अगली छुट्टी में गांव जाना है ताकि पूरे परिवार के साथ समय बिता सकें। काम के बोझ से मुक्त इस छुट्टी का एक-एक पल परिवार को दिया। संजय की पत्नी भी बेहद खुश रहीं। उन्होंने आने वाले दिनों के लिए पहले से प्लान कर लिया है।

अगली छुट्टी पर टाइगर सफारी
सिविल लाइन थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक संतोष धुर्वे की पत्नी सुशीला सिंह वन विभाग में पदस्थ हैं। एेसे में दोनों एक-दूसरे को कम वक्त दे पाते थे। बकौल संतोष, काम से होने वाले मानसिक तनाव से राहत मिली है। पूरे दिन परिवार के साथ बिताया और मां, पिता, रिश्तेदारों से भी सुकून से फोन पर बात कर पाए। कई बार तो बच्चों से पूरे दिन मिल ही नहीं पाते थे। छुट्टी मिली तो बेटी खुशी और तृप्ति से ठीक से मिले। उनके साथ बैठे, खेले और उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। फिर बाहर खाना खाने गए। इस छुट्टी से बच्चे बेहद खुश रहे।

परिवार के साथ गए बाजार
सिविल लाइन थाना के आरक्षक दिलीप तिवारी का कहना है कि ड्यूटी के दौरान परिवार के साथ बाजार जाना और तनाव मुक्त रहना संभव नहीं होता है। साप्ताहिक अवकाश का एक फायदा तो हुआ कि बिना काम की फिक्र किए परिवार के साथ बाजार से खरीददारी कर ली। दिलीप के साथ उनकी पत्नी कीर्ति तिवारी, बेटा लक्ष्य तिवारी, मां और बहन रहती हैं। दिलीप का कहना है कि अगली छुट्टी में वह परिवार को लेकर पन्ना टाइगर रिजर्व जाने का सोच रहे हैं। छुट्टी को लेकर घर में खुशी का माहौल है।

Published on:
08 Feb 2019 07:02 pm
Also Read
View All