बिजली ने उपभोक्ताओं को सताया: घंटों एक फॉल्ट नहीं तलाश पाता मेंटीनेंस अमला
सतना. शहर में हवा का मामूली झोंका चलने पर बंद हुई बिजली कई घंटों बाद भी बहाल नहीं होती। भीषण गर्मी और उमस में विद्युत कंपनी का कागजी मेंटीनेंस उपभोक्ताओं को आए दिन खून के आंसू रुला रहा है। मेंटीनेंस अमला एक फॉल्ट को घंटों नहीं तलाश पाता। शुक्रवार को दोपहर दो बजे चली हवा से एक झटके में आधा दर्जन फीडरों से जुड़े इलाकों की बिजली उड़ गई। दोपहर से गुल हुई बिजली कई इलाकों में शाम 7 बजे के बाद भी बहाल नहीं हो सकी।
इन इलाकों के फीडर बंद
बताया गया, 11 केवीए लाइन में फॉल्ट होने से पौराणिक टोला, इंडस्ट्रियल एरिया, पे्रमनगर, पॉवर हाउस, सिटी नं.1 व कोलगवां फीडर बंद हो गए। इन फीडरों के बंद होने से औद्योगिक क्षेत्र, सिंधी कैम्प, मुख्त्यारगंज, धवारी आदि इलाकों में तीन से छह घंटे तक बिजली गुल रही। विद्युत अधिकारियों ने बताया कि कोलगवां लाइन में तार टूटने व पौराणिक टोला में जीआई तार फाल्ट मारने के चलते बिजली सप्लाई बंद रही।
जर्जर हो चुकीं 11 केवीए लाइनें
शहर की 11 केवीए फीडर लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। इसके चलते मामूली हवा में भी एकसाथ कई जगह फॉल्ट मार जाते हैं। 33/11 सब स्टेशनों से फीडर तक सप्लाई के लिए शहर में करीब तीन सौ किमी 11 केवीए लाइनों का जाल बिछा हुआ है। ये लाइनें जगह-जगह से जर्जर होकर कई बार टूट भी चुकी हैं, जिन्हें बदलने की बजाय जुगाड़ से दोबारा जोड़ सप्लाई शुरू करा दी जाती है। जर्जर लाइनें नहीं बदलने से एक फाल्ट आने पर पूरा फीडर बैठ जाता है।
नहीं मिला आइएसओ
बकाया वसूली में रीजन में नम्बर एक आने वाला सिटी डिवीजन उपभोक्ता सेवा मानकों पर खरा नहीं उतर रहा। शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति, उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण में औसत सर्विस के चलते सिटी डिवीजन कार्यालय आइएसओ प्रमाण पत्र पाने से वंचित रहा गया। गौरतलब है कि हाल ही में विद्युत सर्किल सतना के चार विद्युत कार्यालयों को आइएसओ प्रमाण पत्र मिले थे। इनमें से मैहर सहित ग्रामीण संभाग को यह उपलब्धि मिली लेकिन सिटी डिवीजन फिसड्डी साबित रहा।