जानलेवा ठंड बस चार दिन और 10 से उछलेगा पारा
सतना . सतना और पन्ना जिले मेें इन दिनों भीषण ठंड पड़ रही है। इसे देखते हुए कलेक्टर ने ६ जनवरी से १० जनवरी तक जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूलों के प्राइमरी के बच्चों का अवकाश घोषित कर दिया है। जिला प्रशासन द्वारा छोटे बच्चों के स्कूल की छुट्टी होने से बच्चों के कहीं अधिक उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
गौरतलब है कि जिले में साल की शुरुआत के साथ ही लोगों को भीषण ठंड का सामना करना पड़ रहा है। दो दिनों तक कोहरा रहने के बाद अब आसमान से बादल छट गए हैं। इससे ठंड का प्रभाव अधिक बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल की ओर से शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 23.6 और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियर रिकॉर्ड किया गया। पन्ना जिले में बीते 4-5 दिनों से दिन का न्यूनतम तापमान 2 से 5 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। कड़ा के की ठंडके कारण सामान्य जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा था। सुबह-शाम सडक़ों में सन्नाटा पसरा रहता था। सबसे अधिक परेशानी तो छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही थी।
बस चार दिन और कंपाने वाली ठंड
हाडक़पा रही ठंड से बेहाल लोगों के लिए राहत भरी खबर यह है कि जानलेवा ठंड बस चार दिन की मेहमान हैं। इस साल ठंड लंबी खिचने के आसर नहीं हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में दस जनवरी से मौसम करवट लेगा। इससे दिन और रात के तापमान में उछाल आने से लोगों को गलन भरी सर्दी से राहत मिलेगी। १५ से २० जनवरी के बीच दिन ते तापमान में रिकार्ड वृद्धि से संक्रांति का सूरज लोगों को पसीना छुड़ा सकता है। हलांकि जनवारी में मौसम में उतार चढ़ाव का क्रम जारी रहने से कभी गर्मी तो कभी ठंड का असर बना रहेगा। लेकिन १० जनवरी के बाद कड़ाके की ठंड नहीं पड़ेगी। गौरतलब की 2017 का दिसंबर बीते बीस सालों में सबसे गर्म रहा हैं। लेकिन बीते पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में रिकार्ड 6 डिग्री की गिरावट से अचानक ठंड के तेवर तीखे हो गए हैं। पूरा जिला शीतलहर की चपेट में है और लोगों को कंपकपां देने वाली सर्दी का सामना करना पड़ रहा है।
ठंड में दो डिग्री की रात
गुरुवार को सीजन के सबसे निचले स्तर पर जाने के बाद शुक्रवार को न्यूनतम तापमान दो अंक उछलकर 6.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान में वृद्धि से रात में लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली। सुबह दिन चढऩे के साथ ही कोहरे की चादर छट गई और दोपहर मे तेज धूप निखरी। इससे दिन में शीतलहर का प्रकोप थम गया और लोगों को हाड़ करा रही ठंड से कुछ राहत मिली। हलांकि शाम होते ही एक बार फिर सर्दी ने अपना असर दिखाया और पूरा जिला ठंड से कांप उठा। लेकिन बर्फीली हवाआें का दौर थमने से शीतलहर का असर कम दिखा।