
सतना. संभागयुक्त अनिल सुचारी ने जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई। मिशन के तहत 220 गांवों की परियोजना को मार्च तक पूरा हो जाना था लेकिन अभी तक पूरा नहीं होने पर ईई पीएचई रावेन्द्र सिंह पर नाराज हुए। कहा, आप तो सस्पेंड होंगे। तीन माह पहले जब स्वीकृति मिली थी तो वर्क ऑर्डर में इतनी देरी क्यों हुई? साथ ही अधीक्षण यंत्री से कहा, इसे देखें कि ऐसा क्यों हो रहा है। वहीं ईई पीएचई की कमजोर प्रगति पर नोटिस जारी करने को कहा। कलेक्टर से कहा, आप तो इनका प्रस्ताव भेजो, मैं सस्पेंड करूंगा। इस दौरान कलेक्टर अनुराग वर्मा, एसपी आशुतोष गुप्ता, जिपं सीईओ डॉ परीक्षित झाड़े, निगमायुक्त राजेश शाही सहित जल निगम, पीएचई, जल संसाधन, लोक निर्माण, पीआईयू एवं विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहे।
जब बोले जिपं अध्यक्ष, झूठ बोल रहे हैं अधिकारी
सतना-बाणसागर ग्रामीण जल प्रदाय योजना की समीक्षा के दौरान विभागीय आंकड़ों को सुनने के बाद संभागायुक्त ने कहा कि ये सब अपनी जगह है, ये बताओ कि कब तक पानी दे पाओगे। इस पर बताया कि टनल के पहले जनवरी 2023 तक पानी पहुंच जाएगा। सप्लाई मार्च तक शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि गांवों में पाइप लाइन बिछ गई है। कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं। इस पर मौके पर मौजूद जिपं अध्यक्ष ने कहा, कहीं पाइप नहीं बिछी है। झूठ बोल रहे हैं ये लोग। मेरे खुद के गांव मिरगौती में आज तक पाइप नहीं बिछाई गई। इसके बाद संभागायुक्त ने तल्ख लहजे में कहा कि काम बिल्कुल अच्छा नहीं चल रहा है। 85 प्रतिशत प्रगति बता रहे हैं लेकिन जीरो दिख रहा है। जल निगम के अधिकारी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि टनल के पहले जहां 51 हजार नल कनेक्शन देने हैं वहां महज 16 हजार कनेक्शन दिए गए हैं। कलेक्टर को निर्देशित किया कि टाइम लाइन तय करते हुए हर सप्ताह इनके कामों की प्रगति की समीक्षा करें/
15 दिन में सड़कों के गड्ढे दुरुस्त हो जाएं
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में कहा कि सड़कों के निर्माण का कोई कार्य समय बाहर नहीं रहे। बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार और गडढे के पैच वर्क रिपेयरिंग का काम प्राथमिकता से पूर्ण कराएं। 15 दिन में सभी सड़कों के गड्ढे ठीक होने चाहिए। पीआईयू के ईई बीएल चौरसिया ने बताया कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। अब फर्नीचर आदि के कार्यों की निविदा 18 अक्टूबर को खोली जानी है।
बिजली को लेकर बहुत नाराजगी है
संभागायुक्त ने कहा कि बिजली सप्लाई को लेकर लोगों में बहुत नाराजगी है। सीएम भी इसमें गंभीर हैं। रीवा में देख ही लिए हो। एसई से कहा कि बिजली की शिकायतों को गंभीरता से लें और त्वरित निराकरण करें।
नागौद एसडीएम पर नाराजगी
मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान की समीक्षा में नागौद की कमजोर प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। एसडीएम नागौद से कहा, मैहर जैसी जगह में 20 हजार आवेदन आए हैं लेकिन आपके यहां से सिर्फ 3 हजार। इसका रिव्यू करेेंं।