Rakhi Song MP3: ये है रक्षाबंधन के 10 सुपरहिट गाने, ऐसे करें डाउनलोड
सतना। जैसे-जैसे रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे बाजार में भी इसकी चमक दिखने लगी है। पूरा बाजार राखी के पर्व के लिए अपडेट हो चुका है। मार्केट में जिधर देखो रक्षाबंधन की सामग्री दिख रही है। बहन भाई के लिए राखी खरीद रही है तो भाई बहन के लिए उपहार खरीद रहा है। रक्षाबंधन के पर्व को लेकर हिंदी सिनेमा में कई फिल्में भी बनी हैं। इन सभी फिल्मों में भाई-बहन के रिश्ते को सर्वोपरि बताया है।
70 के दशक में बने गाने आज भी रक्षाबंधन पर बजाए जाते हैं। इस लिए बाजार में रक्षाबंधन के गाने डाउनलोड कराने के लिए भीड़ लग रही है। कोई आडियो सांग तो कई लोग वीडियो सांग की डिमांड कर रहे है। ज्यादातर मोबाइल यूजर विभिन्न एपो का सहारा ले रहे है। यहां हम आपको रक्षाबंधन संबंधित कुछ गाने बता रहे है। जिसको आप अपनी डाउनलोडिंग लिस्ट में शामिल कर सकते है।
ये है टॉप 10 गाने
1 - भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना।
भैया मेरे, छोटी बहन को न भुलाना।।
देखो ये नाता निभाना, निभाना।
भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना।।
2- ये दिन ये त्योहार खुशी का, पावन जैसे नीर नदी का।
भाई के उजले माथे पे, बहन लगाए मंगल टीका।।
झूमे ये सावन सुहाना, सुहाना।
भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना।।
3 - बांध के हमने रेशम डोरी, तुम से वो उम्मीद है जोड़ी।
नाजुक है जो दांत (?) के जैसे, पर जीवन भर जाए न तोड़ी।।
जाने ये सारा जमाना, जमाना।
भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना।।
4- शायद वो सावन भी आए, जो बहना का रंग न लाए।
बहन पराए देश बसी हो, अगर वो तुम तक पहुंच न पाए।।
याद का दीपक जलाना, जलाना।
भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना।।
5- राखी के धागे सब लाएं।
कहना अब न राह दिखाएं।।
मां के नाम की कसमें देना।
भेंट मेरी के रसमें देना।।
पूछना उस रूठे भाई से।
भूल हुई क्या मां-जाई से।।
बहन पराया धन है कहना।
उस संग सदा नहीं रहना।।
बहना याद करे।
चंदा रे मेरे भईया...।।
6- मेरे भैया मेरे चंदा।
मेरे अनमोल रतन।।
तेरे बदले मैं जमाने की।
कोई चीज न लूं।।
7- तेरी सांसों की कसम खाके, हवा चलती है।
तेरे चहरे की खलक पाके, बहार आती है।।
एक पल भी मेरी नजरों से तू जो ओझल हो।
हर तरफमेरी नजर तुझको पुकार आती है।।
8- मेरे भैया मेरे चंदा।
मेरे अनमोल रतन।।
तेरे बदले मैं जमाने की।
कोई चीज न लूं।।
9- तेरे चेहरे की महकती हुई लडिय़ों के लिए
अनगिनत फूल उम्मीदों के चुने हैं मैंने
वो भी दिन आएं कि उन खवाबों के ताबीर मिलें
तेरे खातिर जो हसीं खवाब बुने हैं मैंने
10-मेरे भैया मेरे चंदा
मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं जमाने की
कोई चीज न लूं