रामनगर पीएम आवास घोटाला: सीएमओ ने दर्ज कराया प्रकरण
सतना। कलेक्टर मुकेश शुक्ला के तबादले की एक वजहों में शामिल रहे 269 लाख रुपए के रामनगर पीएम आवास घोटाले में अंतत: शनिवार को एफआइआर दर्ज हो गई। कलेक्टर की ओर से मामले के दोषियों पर एफआइआर दर्ज करने सीएमओ को निर्देश दिए जाने के बाद भी 6 दिन तक एफआइआर दर्ज नहीं कराई जा सकी थी। इसको लेकर कांग्रेस लगातार गंभीर आरोप प्रशासन पर लगाते हुए निष्पक्ष चुनाव पर सवाल खड़े कर रही थी।
ये है मामला
शनिवार को पीएम आवास घोटाले के दोषी नगर परिषद अध्यक्ष रामसुशील पटेल सहित पांच लोगों के विरुद्ध प्रकरण कायम किया गया है। उधर प्रकरण दर्ज होते ही नगर परिषद अध्यक्ष के फरार होने की खबर है। रामनगर नगर परिषद में 269 अपात्रों का पीएम आवास योजना में चयन किया जाकर उनके खाते में रेवड़ी की तरह 1-1 लाख रुपये डाले गए थे। इससे कई पात्र लोग योजना के लाभ से वंचित हो गए। इसकी शिकायत शासन से की गई।
राशि वसूली की कार्रवाई के निर्देश
जिस पर टीम द्वारा जांच कराई गई। इस जांच में 269 लाख का घोटाला होना पाया गया। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने नगर परिषद अध्यक्ष रामसुशील पटेल सहित तत्कालीन सीएमओ द्वय रामनरेश यादव, अमर सिंह, कन्स्लटेंट अभिषेक पटेल सहित वार्ड प्रभारी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर राशि वसूली की कार्रवाई के निर्देश दिए। लेकिन कलेक्टर के इस आदेश का पालन सीएमओ लालजी ताम्रकार द्वारा ६ दिन बाद तक नहीं किया गया था।
तत्काल शुरू हुई प्रक्रिया
मामले की गंभीरता से पुलिस महकमा भी अवगत था। लिहाजा, सीएमओ के पहुंचते ही आनन-फानन मामले की एफआइआर दर्ज की गई। आरोपियों नगर परिषद अध्यक्ष रामसुशील पटेल सहित तत्कालीन सीएमओ द्वय रामनरेश यादव, अमर सिंह, कंसल्टेंट अभिषेक पटेल सहित वार्ड प्रभारी पर धारा 420/34 के तहत प्रकरण कायम कर लिया गया है।
नगर परिषद अध्यक्ष फरार
थाने में घोटाले संबंधी प्रकरण दर्ज होते ही नगर परिषद अध्यक्ष रामसुशील पटेल के सभी मोबाइल फोन बंद हो गए हैं। वे फरार बताए जा रहे हंै।
अपात्रों को लाभ दिया
मामला गंभीर था। अपात्रों को लाभ दिया गया था। इस मामले में एफआइआर दर्ज करवा दी गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई शुरू कर चुकी है।
राहुल जैन, कलेक्टर