व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगी तख्तियां 'हमें चाहिए मेडिकल कॉलेज'
सतना। मेडिकल कॉलेज सतना की महती जरूरत है। गत दिनों चेम्बर में हुई बैठक में यह स्पष्ट हो गया था। लोगों ने साफतौर पर कह दिया था कि माननीय आगे आएं और मुद्दा बनाएं। अगर, ऐसा नहीं कर पाते तो इस्तीफा दे दें। इसके बावजूद जिले के माननीयों की नींद नहीं खुली।
दूसरी ओर जनमानस आंदोलन को आगे बढ़ाने कदम बढ़ा चुका है। रविवार को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तख्तियां टांगी गईं। उसमें साफतौर पर लिखा था कि 'हमें चाहिए मेडिकल कॉलेज'।
माननीय अब भी सोच विचार में डूबे
इस तरह मेडिकल कॉलेज की मांग के लिए जन ने आगे कदम बढ़ा दिया है। माननीय अब भी सोच विचार में डूबे हैं। मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति के बैनर तले शहरवासियों ने रविवार से आंदोलन का शंखनाद किया है। अभियान से लोगों को जोडऩे के लिए अनोखा तरीका अपनाया गया है।
'हमें चाहिए मेडिकल कॉलेज'
आंदोलन से जुड़े लोग व्यावसायिक प्रतिष्ठान पहुंच रहे हैं। वहां वे संचालक से निवेदन कर रहे हैं कि प्रतिष्ठान के सामने एक तख्ती लगाएं और उस पर लिखें कि 'हमें चाहिए मेडिकल कॉलेज'। इस निवेदन को संचालक बेहिचक स्वीकार भी कर रहे हैं। अधिकतर दुकानदारों ने कहा कि वे मेडिकल कॉलेज के लिए चलाए जा रहे अभियान का समर्थन कर रहे हैं। इस आंदोलन में एकजुटता व ताकत के साथ सहभागिता निभाएंगे।
इन्होंने बढ़ाया कदम
मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति ने रविवार से अपने आंदोलन की शुरुआत की है। इसमें शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हैं। जो सदस्य के रूप में अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं। रविवार को सदस्य राजीव खरे, संजय सिंह तोमर, अतुल सिंह परिहार, यशपाल जैन, रजनीश द्विवेदी, दीपक बुधौलिया, अभिषेक सिह, प्रयास खरे, राकेश सिंह परिहार, राजेश अग्रवाल , सुरेश बरेडिय़ा, विनय अग्रवाल, जीतेन्द्र बागरी, रणवीर सिंह , उमेश सिंह बघेल, सगीर खॉन, ओमप्रकाश तिवारी, संजय बंका, अंचल सिंह, परिवेश खरे, विक्रम सिंह चौहान विपिन अरजरिया, संजीव सरोज मिश्रा, शिवम सिंह, मयंक वर्मा, दीपक तिवारी, सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
लगातार प्रयास जारी
अभियान से पहले भी आम जनमानस ने आंदोलन खड़ा करने का प्रयास किया था। हस्ताक्षर अभियान, पोस्टकार्ड अभियान सहित कई प्रकार के तरीकों पर काम किया गया। अब एक बार फिर इस मुद्दे को जोर-शोर से आगे बढ़ाया जा रहा है। सभी लोग एक मंच पर आते दिख भी रहे हैं। लेकिन, राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव दिख रहा है। राजनेताओं को आगे आना होगा, जिससे आंदोलन बड़ा रूप धारण करेगा। प्रदेश व केंद्र की राजनीति में स्थान हासिल होगा। जिससे मेडिकल कॉलेज की संभावना बढ़ जाएगी।
कलेक्टर से मांगा सहयोग
संघर्ष समिति के सदस्यों ने सबसे पहले सर्किट हाउस में कलेक्टर मुकेश शुक्ला से मुलाकात की। इसमें उन्होंने जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने प्रशासनिक सहयोग की मांग की। कलेक्टर ने हर प्रकार से सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही इस बात का भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक वजह से मेडिकल कॉलेज में अड़चन नहीं आएगी।