
सतना। बहु प्रतीक्षित अंतर राज्यीय बस अड्डे की सभी बाधाएं जिला प्रशासन, स्मार्ट सिटी प्रबंधन और नगर निगम प्रबंधन ने संयुक्त रूप से दूर कर ली है। इसके साथ ही इसका ब्लू प्रिंट भी स्मार्ट सिटी के चेयर मैन एवं कलेक्टर अनुराग वर्मा और सीईओ एवं निगमायुक्त राजेश शाही ने फाइनल कर दिया है। जल्द ही इसकी निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। शहरवासी काफी सालों से इस सौगात की मांग कर रहे थे।
वर्षों पुरानी मांग की ऐसे हुई शुरुआत
शहर में बढ़ते यातायात दबाव और बसों की संख्या बढ़ने के बाद से मौजूद बस स्टैण्ड न केवल छोटा पड़ने लगा था बल्कि उसका स्थान शहर के बीच में होने से आवागमन में भी दिक्कते हो रही है। इसको लेकर शहर वासी एक नये बस स्टैण्ड की मांग लंबे समय से कर रहे थे। इसको लेकर तत्कालीन निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने पहल की थी और मैहर बाईपास रोड में आरटीओ दफ्तर के समीप एक शासकीय जमीन तय की थी। साढ़े चार एकड़ के इस भूखंड तक पहुंच मार्ग के लिये अतिरिक्त रास्ते के लिये निजी जमीन की आवश्यकता थी। लिहाजा जमीन अदला बदली में यह मामला फंसा हुआ था। इसके लिये तत्कालीन कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने भी पहल की थी। उनके बाद निगमायुक्त प्रवीण सिंह अढ़ायच ने इस मामले को आगे बढ़ाया। लेकिन जब जमीन का मामला सुलझने को हुआ तो निर्माण लागत का मामला फंसने लगा। लिहाजा यह प्रोजेक्ट नगर निगम से हटा कर स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में लाने का काम तत्कालीन निगमायुक्त एवं सीईओ अमनवीर सिंह ने किया। उनके जाने के बाद वर्तमान चेयरमैन स्मार्ट सिटी अनुराग वर्मा और सीईओ राजेश शाही ने इस प्रोजेक्ट की सभी बाधाओं को हटाने के साथ ही इसकी ड्राईंग तैयार करवाई और विगत दिवस इसका ब्लू प्रिंट फाइनल कर दिया गया।
31.15 करोड़ लागत में बनेगा नया बस स्टैण्ड
स्मार्ट सिटी सीईओ ने आईएसबीटी ( अंतर राज्यीय बस अड्डा) प्रोजेक्ट की लागत 31.15 करोड़ रुपये बताई है। इसकी निर्माण एजेंसी हाउसिंग बोर्ड को बताया गया। बताया, यह विन्ध्य का सबसे बेहतर बस अड्डा होगा। जिसमें सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होगी।
यह होंगी सुविधाएं
बताया गया है कि बस अड्डे में एक साथ 60 बसे खड़ी हो सकेंगी। इसके अलावा सवारी उतारने के बाद बसों की पार्किंग के लिये अलग स्थल होगा। जिस स्थल से बसों में सवारी बैठेंगी उसके ठीक सामने वेटिंग हाल होगा। इसमें एक एसी वेटिंग हाल भी होगा। एडमिन ब्लाक में बस संचालकों के अलग-अलग केबिन होंगे। जिसमें 50 के लगभग आपरेटरों को स्थान दिया जा सकेगा। इसके प्रथम तल पर 50 बेड की डोर मेट्री होगी। 8 रिटायरिंग रूम होंगे। यात्रियों के लिये रेस्टोरेंट और काफी हाउस होगा। वाहनों के प्रवेश और निकासी की अलग-अलग व्यवस्था होगी। प्राइवेट कार पार्किंग, ऑटो पार्किंग भी तैयार की जाएगी। प्रतीक्षालय में बसों का डिसप्ले सिस्टम हवाई अड्डे की तरह विजुअल मैसेजिंग सिस्टम का होगा। इसके साथ ही अनाउंसमेंट की भी व्यवस्था होगी।
सीसीटीवी सर्विलांस
यह अत्याधुनिक बस अड्डा पूरी तरह सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। इन कैमरों का नियंत्रण स्मार्ट सिटी के कमांड एंड कंट्रोल रूम से होगा। लिहाजा यहां की हर गतिविधि पर लगातार 24 घंटे 7 दिन निगरानी होगी।