सतना

Satna central jail: कैदी को जेल ले जाने की बजाय हथकड़ी पर टॉवल डालकर होटल में कराते रहे नाश्ता

सेंट्रल जेल में बंद है कैदी, प्रोटोकॉल के विरुद्ध परिजनों से कराई मुलाकात  

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Dec 19, 2019
Satna police

सतना. जिले में मुल्जिमों को जेल से लाने-ले जाने के प्रोटॉकाल का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया। इसमें मुल्जिम को स्टेशन से जेल ले जाने के लिए सरकारी वाहन में निकले जवान बीच रास्ते में रुक गए। यहां एक होटल में न केवल मुल्जिम को नाश्ता कराया बल्कि उसके परिजनों से मुलाकात कराई। इस दौरान साथ चल रहे जवानों ने भी मुल्जिम के परिजनों के पैसे से ही नाश्ता किया। किसी को इस कारगुजारी का पता न चल सके, इसलिए मुल्जिम की हाथ में लगी हथकड़ी को छिपाने के लिए उस पर टॉबेल लपेट दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुल्जिम सार्वजनिक स्थल में पूरी तरह से आजाद रहा।

पेशी पर नीमच ले जाया गया था
सतना केंद्रीय जेल में बंद मुल्जिम को पेशी में नीमच ले जाया गया था। बुधवार को उसे लेकर वापस लौटे थे। ऐसे में मुल्जिम को स्टेशन से जेल ले जाने के लिए लाइन से वाहन भेजा गया था। स्टेशन से सिपाही अरविंद शुक्ला और एसएएफ के जवानों के साथ मुल्जिम को लेकर वाहन जेल के लिए रवाना हुआ लेकिन यह वाहन भरहुत तिराहे पर आकर रुक गया। होटल महेश्वरी के सामने मुल्जिम सहित सभी जवान उतरे। यहां पहले से मुल्जिम के परिजन मौजूद थे। उन्होंने अपने साथ लाई टॉबेल मुल्जिम के बाएं हाथ में लगी हथकड़ी के ऊपर लपेट दी। इसके बाद यहां पहले से ऑर्डर देकर रखे गए नाश्ते को मुल्जिम को दिया गया। साथ ही यह नाश्ता जवानों को भी दिया गया। नाश्ता करने के बाद परिजनों से मुलाकात के बाद सभी लोग वापस वाहन में बैठे और जेल की ओर रवाना हो गया। इस पूरे वाकये का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने बना लिया।

अंजान जगह में वाहन रोकने का नहीं है नियम
मैनुअल के अनुसार इस तरह से मुल्जिम ले जा रहे वाहन को बीच में किसी भी जगह रोकने का नियम नहीं है। न ही किसी स्थान पर मुल्जिम को इस तरह से कुछ खिलाया पिलाया जा सकता है। बहरहाल इस मामले में पुलिस अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने घटना की जानकारी नहीं होने की बात कही है। हालांकि मामले की जांच कराने की बात भी उन्होंने कही है।

IMAGE CREDIT: Patrika
Published on:
19 Dec 2019 01:00 pm
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