
सतना। महापौर टिकट घोषित करने के साथ ही मजबूत स्थिति में नजर आ रही कांग्रेस को अब बगावत से जूझना पड़ रहा है। विगत दिवस जिस तरीके से कांग्रेस से एक पुराने कांग्रेसी परिवार के सदस्य सईद अहमद ने किनारा किया और महापौर के दावेदार रहे गेंदलाल पटेल ने भी बसपा की सदस्यता ली, इससे कांग्रेस की पेशानी पर बल पड़ गये हैं। इस स्थिति को देखते हुए कांग्रेस को अब पार्षद पद की टिकट को लेकर भी ऐसे ही आसार नजर आ रहे हैं। इसको देखते हुए कांग्रेस पार्षद टिकट घोषणा को लेकर बैक फुट पर नजर आ रही है। माना जा रहा था कि कांग्रेस गुरुवार को टिकट घोषित कर सकती है लेकिन कांग्रेस ने अपनी पार्षदों की सूची को रोक दिया है। अब शुक्रवार को इसे घोषित करने की बात की जा रही है।
भारी पड़ रहा विरोध
कांग्रेस के अंदरखाने की माने तो भाजपा के पार्षदों की टिकट घोषणा के बाद यह लगभग तय था कि गुरुवार को कांग्रेस भी अपनी टिकट घोषित कर देगी। लेकिन जिस तरीके से विरोध के स्वर टिकट को लेकर सामने आ रहे हैं उसे देखते हुए कांग्रेस असमंजस की स्थिति में नजर आ रही है। हालातों को समझने के लिये कांग्रेस ने पार्षदों की सूची रोक ली है। अब स्थितियों को समझने के बाद शुक्रवार को टिकट घोषित किये जा सकते हैं। जबकि पहले राजधानी में हुई बैठक के बाद यह टिकट गुरुवार को बंट जाने थे।
संभागीय पर्यवेक्षक ला रहे टिकट
इधर इस मामले में शहर अध्यक्ष मकसूद अहमद ने कहा कि कांग्रेस में किसी तरह की बगावत जैसी स्थिति नहीं है। भावावेश में कोई कदम उठा रहा है तो उसे उसके नतीजे बाद में पता चलेंगे। पार्षदों की सूची रोकने जैसी स्थिति नहीं है। हमारे संभागीय पर्यवेक्षक टिकट लेकर राजधानी से निकल चुके हैं। वे अगले दिन इसकी घोषणा कर देंगे।
एक और सुनामी की आशंका
इधर पार्षद पद के टिकट के दावेदारों की माने तो बड़े पैमाने पर टिकट वितरण में अपना पराया किया गया है। ऐसे में मजबूत प्रत्याशी भी दरकिनार हो गए हैं। लिहाजा टिकट से वंचित दावेदार टिकट वितरण के बाद विरोध का बड़ा बिगुल फूंक सकते हैं। जिसमें कई नामी चेहरे भी हो सकते हैं। हालांकि यह तो भविष्य की गर्त में है लेकिन एक और सुनामी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।