सतना

नवरात्र पर ‘शक्ति’ की मिसाल: अनाथालय में बीता बचपन, गोद लेकर अब चार बेटियों को दिया मां का आंचल

सतना की चार मासूमों को केरल के दंपती ने लिया गोद

2 min read
Oct 16, 2018
Satna couple adopted four daughters

सतना। 'मेरा बचपन अनाथालय में गुजरा है। मैं जानती हूं कि बच्ची के लिए कितनी चुनौती होती है। उसकी बात तक सुनने वाला कोई नहीं होता। तकलीफ व दर्द को किसी के सामने रखना दूर की बात है। इसलिए मैं बेटियों को गोद ले रही हूं।' यह बात केरल निवासी प्रतिभा (बदला हुआ नाम) ने सोमवार को गोद लेने की प्रक्रिया के दौरान कही। वे अपने पति राजेश (बदला हुआ नाम) के साथ सतना पहुंची थीं। दंपती ने चार बेटियों को गोद लिया है। चारों सगी बहनें हैं। उनकी उम्र क्रमश: 3, 5, 5 और 7 वर्ष है। दो बेटियां जुड़वा हैं। अब इन बच्चियों के कानूनन माता-पिता यह दंपती कहलाएगा।

बताया गया, सतना की मातृछाया संस्था से मई 2018 में एक महिला ने संपर्क किया। वह अपनी चार बेटियों को पालने में असमर्थ थी। उसने बताया कि पति की मृत्यु हो गई है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं। इस पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसने चारों बेटियों को 17 मई 2018 को मातृछाया को सरेंडर कर दिया। उसके बाद मातृछाया ने जिम्मेदारी लेते हुए बच्चियों का लालन-पालन शुरू किया। गोद देने के लिए सेंट्रल एडॉप्शन रिसर्च अथॉरिटी (कारा) में पंजीयन कराया। करीब पांच माह बाद केरल के दंपती ने बेटियों को गोद लेने की इच्छा जताई। बालकल्याण समिति, कारा व मातृछाया की ओर से सोमवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

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चुनौती से कम नहीं था गोद देना
मातृछाया के प्रदीप सक्सेना कहते हैं, इन बच्चियों को गोद देना चुनौती से कम नहीं था। कारण, चार बेटियों को एकसाथ गोद लेने के लिए कोई दंपती तैयार नहीं होता। 9 दंपती को हमने बुलाया पर वे रिजेक्ट कर चले गए। इसी बीच कारा ने अपनी वेबसाइट पर एक दिन के लिए इमिडियेट रिप्लेसमेंट ऑप्शन को ओपन किया। इसमें वेटिंग खत्म हो जाती है और कोई भी दंपती गोद ले सकता है। इसी के तहत केरल के दंपती ने इच्छा जताई थी।

पिता प्रोफेसर औरमाता लेक्चरर
बच्चियों का जन्म गरीब परिवार में हुआ है। जन्म देने वाले पिता चाट का ठेला लगाते थे। अब जिस दंपती ने गोद लिया है, वह उच्च मध्यमवर्गीय है। पिता प्रोफेसर हैं, तो मां शासकीय स्कूल में लेक्चरर है।

प्रदेश का पहला मामला
एक साथ चार बच्चियों को गोद लेने का यह प्रदेश का पहला मामला है। इससे पहले उज्जैन में ऐसा मामला आया था। वहां तीन बच्चों को दंपती ने एक साथ गोद लिया था। उसके बाद यहां यह पहल हुई है।

केरल के दंपती ने बच्चियों को गोद लिया है। चारों सगी बहने हैं। करीब पांच माह पूर्व इन बच्चियों को संस्था में सरेंडर किया गया था।
प्रदीप सक्सेना, सचिव, मातृछाया सतना

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Published on:
16 Oct 2018 12:37 pm
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