
सतना। सेवा से बर्खास्त कर दिये गये राजस्व निरीक्षक भाई को नियम विरुद्ध तरीके से सरकारी गुजारा पेंशन स्वीकृत करना डिप्टी कलेक्टर को महंगा पड़ गया। लोकायुक्त की सख्ती के बाद इस मामले में तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर बीएल साकेत और तत्कालीन जिला कोषालय अधिकारी बीएन सिंह पर सिटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। मिली जानकारी के अनुसार राजस्व निरीक्षक डीपी साकेत को भ्रष्टाचार के एक मामले में शासन ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। उनकी बर्खास्तगी के बाद सतना जिले में बतौर डिप्टी कलेक्टर बीएल साकेत की पदस्थापना हुई थी। बीएल साकेत बर्खास्त आरआई डीपी साकेत के भाई हैं। इन्होंने अपने बर्खास्थ भाई की मदद के लिये शासन के नियमों को ताक पर रखते हुए गुजारा पेंशन राशि स्वीकृत कर दी। इतना ही नहीं इस मामले में तत्कालीन जिला कोषालय अधिकारी बीएन सिंह ने भी नियमों को ताक पर रखते हुए इस पर सहमत रहे। और इस अनियमितता के साझीदार बने। यह मामला जब तत्कालीन कलेक्टर सतेन्द्र सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने डीपी साकेत के स्वीकृत की गई नियम विरुद्ध पेंशन को रोक लगाते हुए इसे निरस्त कर दिया। उधर मामले में लोकायुक्त ने भी गंभीर रुख दिखाया।
वसूली सहित एफआईआर के निर्देश
लोकायुक्त ने इस मामले में प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग मनीष रस्तोगी को निर्देशित किया कि डीपी साकेत को जो नियम विरुद्ध राशि दी गई है उसकी वसूली की जाए। तथा तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर बीएल साकेत व जिला कोषालय अधिकारी बीएन सिंह पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई इसका जवाब देने 28 जून को समक्ष में उपस्थित होने तिथि नियत कर दी है। इस पर नाराजगी जाहिर की है कि अभी तक संबंधितों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
कलेक्टर को दिये निर्देश
इस मामले में राजस्व विभाग में उपसचिव दिनेश कुमार मौर्य ने कलेक्टर को पत्र लिख कर तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर और जिला कोषालय अधिकारी के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही व सेवा निवृत्त राजस्व निरीक्षक डीपी साकेत के विरुद्ध वसूली की कार्यवाहीका प्रतिवेदन 22 जून तक प्रस्तुत करने कहा है।
दर्ज हुई एफआईआर
लोकायुक्त ने प्रमुख सचिव रस्तोगी से जिस तरीके से इस मामले में हीलाहवाली पर आपत्ति जताते हुए पेशी नियत की है उसके बाद आनन फानन में मंगलवार को सिटी कोतवाली थाने में तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर बीएल साकेत और जिला कोषालय अधिकारी बीएन सिंह के विरुद्ध धारा 420 और 120 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।