सतना

Satna Flyover: कलेक्टर ने सेतु निगम से जानकारी तलब की, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से की शिकायत

फ्लाईओवर: बिना काम भुगतान के मामले ने पकड़ा तूल, मेजरमेंटबुक में खानापूर्ति करने की तैयारी कर रहे अधिकारी, कंसल्टेंसी पर दबाव का खेल शुरू

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Jan 01, 2019
satna Flyover ka bina kam hi ho gaya bhugtan

सतना। फ्लाइओवर निर्माण ठेका कंपनी को बिना काम सेतु निगम द्वारा भुगतान करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कलेक्टर ने सेतु निगम से जानकारी तलब करने की बात कही है। कांग्रेस ने शिकायत मुख्यमंत्री कमलनाथ से की है। सेतु निगम, पीडब्ल्यूडी विभाग व ठेका कंपनी के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। खबर प्रकाशित होने के बाद हड़कंप मचा है। सेतु निगम के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे है।

अधिकारियों ने ठेका कंपनी पर दबाव बनाया है कि किसी भी तरह काम को पूरा करें ताकि, कागजी खानापूर्ति कर मामले में लीपापोती की जा सके। फ्लाइओवर का काम स्काई लार्क कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कंपनी व सेतु निगम के अधिकारी पूरी तरह से मिलीभगत का खेल करते हुए नियम विरुद्ध राशि का भुगतान करने में लगे है। ऐसा ही मामला प्रकाश में आया, ठेका कंपनी ने फ्लाइओवर के पांच स्लैब ढालने का दावा किया।

इस आधार पर सेतु निगम के अधिकारियों ने भुगतान कर दिया। मौके पर अभी तक पांचों स्लैब की ढलाई पूरी नहीं हो पाई है। जब भुगतान किया गया, उस वक्त कंपनी ने केवल एक स्लैब ढाला था। नियम व अनुबंध शर्त के विपरीत कंपनी को लाभ पहुंचाने का काम किया गया। अब इस मामले को सतना कलेक्टर डॉ सतेंद्र सिंह ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सेतु निगम व ठेका कंपनी स्काई लार्क से जानकारी तलब की जाएगी और जांच होगी। गड़बड़ी मिलती है, तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी।

अब भी काम शुरू नहीं हो सका
बताया जा रहा कि ठेका कंपनी के प्लांट में कुछ तकनीकी खामी आ गई है। इसके चलते कंपनी काम नहीं कर पा रही है। खबर प्रकाशित होने के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने कंपनी पर दबाव बनाया कि काम को जल्द पूरा करो। लेकिन, कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए। अब कोशिश है कि दूसरे प्लांट के माध्यम से काम को किया जाए, ताकि किसी प्रकार की जांच होती है, तो अपनी गर्दन बचाई जा सके। वर्तमान में अब भी 40 फीसदी स्लैब की ढलाई शेष है।

कांग्रेस हरकत में आई
मामला प्रकाश में आने के बाद कांग्रेस हरकत में आ गई है। वे मनमानी को किसी भी स्थिति में छोडऩे को तैयार नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता अतुल सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री कमलनाथ व पीडब्ल्यूडी मंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया है। उन्होंने अपने शिकायत पत्र में मामले की जांच कराने, ठेका कंपनी व सेतु निगम के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की है।

खानापूर्ति की तैयारी
सेतु निगम के अधिकारियों ने कंसल्टेंसी पर दबाव बनाने का काम शुरू कर दिया है कि वे मेजरमेंट बुक में काम को दिखा दें ताकि तकनीकी रूप से गड़बड़ी को छुपाया जा सके। सूत्रों की मानें तो कंसल्टेंसी ऐसा करती है, तो उसकी गर्दन खुद ही फंस जाएगी। बिना काम के मेजरमेंट बुक में काम दिखाने का मतलब है कि जिम्मेदारी कंसलटेंसी पर आ जाएगी।

नेता उठाएं आवाज
शहर में शुरू निर्माण कार्यों पर जनप्रतिनिधियों को नजर रखना चाहिए। समय-समय पर निरीक्षण कर अधिकारी-ठेकेदार से प्रगति रिपोर्ट लेना चाहिए। ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

Published on:
01 Jan 2019 12:39 pm
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