अब्दुल कलाम वार्ड के दो हितग्राहियों का पैसा भी डकार गया प्रशासन
सतना। पिछड़ी बस्ती में शामिल वार्ड 12 बदखर क्षेत्र के 90 फीसदी घरों में व्यक्तिगत शौचालय नहीं हैं। इससे लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान नगर निगम ने दावा किया कि शहर पूरी तरह से ओडीएफ है। लेकिन बदखर के वर्तमान हालात दूसरी तस्वीर बयां कर रहे हैं। महज 10 फीसदी घरों में ही शौचालय बने हुए है। निगम प्रशासन ने घर-घर शौचालय बनवाने की योजना शुरू की थी। जो इस वार्ड में पूरी तरह से असफल साबित हुई है।
दो हितग्राहियों ने 1360 रुपए निगम के कोष में जमा किया था ताकि उनके घर में शौचालय बन सके। परंतु जमा राशि को निगम डकार गया। महीनों बीत जाने के बाद काम शुरू नहीं हो सका। अब्दुल कलाम वार्ड के हालात निगम ने ग्रामीण अंचल से ज्यादा खराब कर दिए हैं। लगभग 20 वर्ष से यह क्षेत्र निगम के अधिकार क्षेत्र में शामिल रहा है। फिर भी बुनियादी सुविधाओं का टोटा निरंतर बना हुआ है।
रसूखदारों के संस्थान तक बिछाई लाइन
यह क्षेत्र पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। एक टंकी है जो जर्जर हो चुकी है, हैंडपंप हवा उगल रहे हैं। बस्ती से २ किमी दूर मंदिर के समीप से दिनभर पानी के लिए आवागमन करते हैं। निगम प्रशासन द्वारा न तो पहले पाइप लाइन बिछाई गई न अब अमृत, जलावर्धन से इस बस्ती को जोड़ा गया। सतना-कोटर मार्ग स्थित एक रसूखदार के पेट्रोल पंप तक लाइन बिछा दी गई और रहवासी इलाके को छोड़ दिया गया। पार्षद शारदा देवी कोल ने इंजीनियरों से कई मर्तबा इस संबध में बात की तो निगम की ओर से जवाब दिया गया कि इस क्षेत्र के लिए नक्शा नहीं बना।
सड़क बनाकर नाली देना भूले
समूची बस्ती में एक भी पक्की नाली नहीं है। सड़क बनाकर विकास का दम भरा जा रहा है। नाली न होने के चलते घरों का पानी सड़क पर आकर दूसरे के घरों तक पहुंचता है। इसके चलते कई बार आपस में विवाद हुआ। फिर भी निगम में कोई सुनवाई नहीं हुई। सार्वजनिक तौर पर एक शौचालय बनाया गया, लेकिन पानी की व्यवस्था वहां नहीं की गई। मुक्तिधाम में आज तक बाउंड्री नहीं हो सकी। सफाई के नाम पर निगम का वाहन घरों तक पहुंचता है।
लगाया जाम तब मिला पानी
पार्षद शारदा कोल का कहना है, नगर निगम पानी देने में वार्ड के साथ दोहरा बर्ताव करता है। पहले भी पानी के लिए प्रमुख मार्ग पर चक्काजाम किया था। तब जाकर निगम ने २ टैंकर पानी दिया था। इस समय भी पेयजल संकट गहरा गया है। यदि जिम्मेदार फिर पानी नहीं देते तो नगर निगम का घेराव कर अपना हक लेंगे।
पार्षद उपेक्षित
पार्षद शारदा देवी कोल कच्चे मकान में अपना गुजर बसर करती हैं। सबका आवास योजना की गाइड लाइन में वे पात्र हैं। फिर भी निगम आज तक पार्षद को मकान के लिए राशि आवंटित नहीं कर पाया। कई बार आवेदन व फार्म भरकर निगम में जमा किया गया। लेकिन, टालमटोल का रवैया जारी है। तमाम समस्याओं को लेकर निगम प्रशासन से पार्षद बेहद खफा हैं।
हकीकत
पार्षद: शारदा देवी कोल
वार्ड का नाम: अब्दुल कलाम आजाद वार्ड
जनसंख्या 6927
अजा संख्या 1989
अजजा संख्या 734
मतदाता 3214
पुरुष 1724
महिला 1490
निचली बस्तियों का वार्ड होने से पेयजल के साथ मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। वार्ड में न तो नाली की दशा अच्छी है और न ही सड़क की। कोई सुनने वाला नहीं है।
लंकेश बुनकर
शौचालय को लेकर सभी परेशान हैं। कई बार कहा गया, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ है। सरकारी शौचालय में पानी नहीं रहता है। बाहर जाना हमारी मजबूरी है।
अरुण बुनकर
सड़कें जर्जर हैं। आवागमन में परेशानी होती है। कुछ दिन पहले निर्माण शुरू हुआ था। बाद में बंद हो गया। पानी के लिए हम लोगों को भटकना पड़ता है।
राममूरत
पेयजल के लिए दूसरे इलाके में सुबह से ही जाना पड़ता है। वार्ड में अधिकांश लोग रोज कमाने वाले हैं। परिवार के अधिकतर लोग पानी के लिए परेशान रहते हैं।
रामफल डोहर
हम लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। हमारे वार्ड में लाइट की सुविधा भी नहीं है। नई पाइपलाइन में भी पानी नहीं आता है।
फूलमती
नालियों की सफाई नहीं होती है। कई बार वार्ड पार्षद से कहा गया, कोई सुनने वाला नहीं है। पानी की समस्या हल होने से दिक्कत खत्म हो सकती है।
कोदूलाल
निचली बस्ती होने के कारण जो पानी नालियों से निकलना चाहिए, वह घरों में घुसता है। नालियां सही तरीके से न बनने के कारण पानी घरों में घुसता है।
आनंदीलाल
मूल समस्या पानी, नाली व शौचालय है। इसके लिए कई बार पार्षद से कहा गया है। समस्या का निदान नहीं हुआ है। पार्षद का कहना है कि कोई सुनता नहीं है।
राजेंद्र पाल
स्ट्रीट लाइट अधिकतर इलाकों में नहीं है। जहां है, वह दिन में जलती है लेकिन रात को नहीं जलती है। पेयजल के लिए गर्मी में काफी दिक्कत होती है।
राहुल डोहर
वार्ड की बसावट सही न होने के कारण बरसात के दिनों में दिक्कत होती है। पेयजल के लिए वार्ड की जनता को दूर जाना पड़ता है। पानी टंकी हो।
डॉ. एएन सिंह