सतना

सतना वार्ड क्रमांक 34 : प्रेमनगर में अनाथालय के भूखंड पर कब्जा, 28 साल बाद भी पार्क नहीं बना

अतिक्रमण की मार से यह पॉश इलाका भी नहीं बच सका

2 min read
Jun 22, 2018
satna nagar nigam ward no.34 news in hindi

सतना. वार्ड 34 यानी इंदिरा गांधी वार्ड के नाम से विख्यात प्रेमनगर क्षेत्र अपने विकास के लिए जाना जाता है। यहां सड़क, नाली, पानी के तमाम संसाधन उपलब्ध हैं। लेकिन, अतिक्रमण की मार से यह पॉश इलाका भी नहीं बच सका है। वार्ड 34 दुर्गा मंदिर के सामने सन 1990 में अनाथालय का रिक्त भूखंड था। बाद में नजूल शाखा ने इसे शहर सरकार के आधिपत्य में डाल दिया। उन दिनों निगम को पार्क बनवाने के मकसद से जमीन हैंडओवर की गई। लेकिन, 28 साल बीतने के बाद भी पार्क को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। उधर, समय के साथ स्थानीय लोगों की नजर रिक्त भूखंड पर पड़ी। असरदारों ने हथियाना शुरू कर दिया। आज आधे से ज्यादा जमीन बेजा कब्जे में है। किसी ने दुकान का निर्माण कार्य करवा लिया तो कोई भवन तान लिया और निगम मुंह ताकता रहा।


स्वच्छता की बात यहां बेमानी
भले ही शहर में साफ-सफाई बेहतर होने का दम निगम प्रशासन भरता हो लेकिन इस वार्ड में न सफाई होती न सफाईकर्मी आते। इसके कारण कचरे का अंबार लगा रहता है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की कवायद फेल है। वार्ड पार्षद राधा श्रीवास्तव का आरोप है कि कचरा एकत्र करने वाला वाहन क्षेत्र में आता ही नहीं है। इससे लोगों को मजबूरन सड़क पर कचरा फेंकना पडता है। नालियां चोक रहती हैं।

ये भी पढ़ें

सतना वार्ड क्रमांक-32: तालाब का अतिक्रमण आज तक नहीं हटा पाया निगम अमला, सड़क-नाली की समस्या भी बरकरार


विद्युत व्यवस्था फेल
रहवासियों का आरोप है कि गली चौराहों पर लगी स्ट्रीट लाइट भी दगा कर जाती है। रोजाना इसकी शिकायत दर्ज कराई जाती है पर हमेशा ही स्टाफ की कमी होने का हवाला दिया जाता है। कभी-कभार विद्युत दल आधी स्ट्रीट लाइट को डायरेक्ट कर वापस लौट जाता है। इससे लाइन लास तो होता है साथ ही दिनभर स्ट्रीट लाइट जलती रहती है।


मल्हान बस्ती की हालत खस्ता
वार्ड 34 में ही मल्हान बस्ती आती है। यहां बुनयादी सुविधाओं का अभाव है। कई मार्ग एेसे हैं जहां कच्ची सड़क से लोगों को गुजर कर जाना होता है। पेयजल पाइप लाइन बिछाई गई, लेकिन कनेक्शन न होने की वजह से पानी नहीं मिल पाता।


नालियों की सफाई को लेकर परेशान हैं। अधिकतर नालियां टूटी है। सफाईकर्मी रोज नहीं आते हंै। शिकायत का असर नहीं पड़ता है।
सुष्मिता दास


वार्ड में गंदगी से सभी परेशान है। नई पाइपलाइन से पानी आ रहा है लेकिन पानी में फोर्स नहीं। वार्ड में पौधरोपण पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
आदित्य अग्रवाल


बरसात में पुन: पानी भराव होगा। इसको लेकर कोई चिंतित नहीं है। हर वर्ष बरसात में दिक्कत होती है। सड़कों पर अतिक्रमण है, जिसे हटना चाहिए।
राजीव खरे


सड़कों में सफाई न होने से सभी परेशान है। शिकायत का निराकण नहीं होता है। चारों ओर खाली सरकारी जगह पर अतिक्रमण है।
जितेंद्र गुप्ता


पेयजल की समस्या अभी हल नहीं हुई है। कहते थे 24 घंटे पानी मिलेगा लेकिन सिर्फ कहना था। वार्ड के लोग स्ट्रीट लाइट न जलने से परेशान हैं।
समता गुप्ता


वार्ड में अधिकतर स्ट्रीट लाइट रात को जलती नहीं है। कुछ स्ट्रीट लाइट जिस दिन सुधारी जात है उसी दिन जलती है।
शकुंतला गुप्ता


वार्ड में पाइपलाइन डालने के बाद उसकी मिट्टी की फीलिंग नहीं की गई। रात में दुर्घटना का डर रहता है। नालियों की सफाई नियमित नहीं होती है।
विनोद पण्डित

हमारे वार्ड में सफाई और विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से फेल है। नगर निगम में कई बार शिकायत दर्ज करवाई गई, कोई नतीजा नहीं निकल सका।
राधा श्रीवास्तव, पार्षद

ये भी पढ़ें

सतना वार्ड क्रमांक-31: न पार्क न सामुदायिक भवन, गलियों में कचरे के ढेर, गांव से बदतर हालात
Updated on:
22 Jun 2018 06:29 pm
Published on:
22 Jun 2018 03:54 pm
Also Read
View All