सतना वार्ड क्रमांक-38: बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव, दर्जनों चक्कर के बाद स्ट्रीट लाइट नहीं हुई ठीक
सतना। सिटी कोतवाली से नजीराबाद को जोडऩे वाली मुख्य सड़क पर मस्जिद के समीप नगर निगम की एक एकड़ जमीन है जिस पर सामुदायिक भवन का निर्माण होना था। निगम प्रशासन ने भूमि पूजन भी किया, लेकिन वहां मौजूद अतिक्रमण और मकानों से काम गति नहीं पकड़ पाया। अतिक्रमणकारियों ने मकान नहीं खाली किए।
निगम उन्हें हटाने में विफल रहा। इससे सामुदायिक भवन को पार्क की जमीन में शिफ्ट करना पड़ा। वार्ड पार्षद रन्नो बेगम का आरोप है, सैकड़ों बार आवेदन देने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अब उस जमीन को बेचने की साजिश की जा रही है। जल्द ही निगम प्रशासन ने अतिक्रमण नहीं हटाया तो जमीन हाथ से निकल जाएगी।
किस काम का मछली बाजार
निगम द्वारा 80 लाख की लागत से बनवाया मछली बाजार किसी काम का नहीं है। रहवासी उसे बेमतलब बता रहे हैं। आरोप है, बगैर योजना निर्माण कार्य करवाया गया है। जो खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। धीरे-धीरे भवन भी जर्जर हो जाएगा और निगम के फंड की बर्बादी होती रहेगी।
पीछे है नाला
शहर का 12 किमी का खेरमाई नाला नजीराबाद के इसी वार्ड से गुजरता है। पहले नाला भी अतिक्रमण की चपेट में था। जिसे हटवाया गया। दोबारा नापजोख की गई। उसमें नाला अतिक्रमण मुक्त बताया गया था। बारिश के दौरान यहां जलभराव होता है। मकानों के अंदर पानी भरता है। इस दर्द से अब तक राहत नहीं मिल सकी है।
स्ट्रीट लाइट के लिए चक्कर
पार्षद ने नगर निगम की विद्युत शाखा पर आरोप लगाते हुए कहा, स्ट्रीट लाइट के लिये दर्जनों चक्कर लगा चुके हैं। महीने भर परेशान होने के बाद एक बार ही विद्युत वाहन आता है। जिस संख्या में सामग्री की डिमांड की जाती है। उससे आधी भी उपलब्ध नहीं हो पाती। क्षेत्र में सीवरलाइन भी नहीं बिछाई गई है। गर्मी में पेयजल की किल्लत रहती है। अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।
यहां प्रमुख मार्ग में एक एकड़ जमीन में बेजा कब्जा है। नगर निगम नहीं हटवा पाया। सामुदायिक भवन को पार्क की जमीन में शिफ्ट करना पड़ा। मांग है, अतिक्रमण हटना चाहिए और पार्क का निर्माण बने।
रन्नो बेगम, पार्षद
नजीराबाद क्षेत्र में एक भी पार्क नहीं है। कई बार कहा गया। लेकिन सुविधा नहीं है। रात में प्रकाश की व्यवस्था नहीं है।
मो. अकरम
नालियों की सफाई नियमित नहीं होती है। नई पाइप लाईन से पानी नहीं आ रहा है। पेयजल समस्या है।
हसीन अंसारी
नाले की सफाई बरसात के पूर्व होना चाहिए थी। सफाई कर्मी कम होने के कारण नहीं हो पाई है। वार्ड में सामुदायिक भवन की आवश्यकता है।
अनीस अहमद
नई पाइपलाइन का पानी नहीं आया है। पेयजल की दिक्कत है। पुरानी लाइन से पानी आता है लेकिन नियमित न मिलने से जनता परेशान है।
एमडी आरिफ
स्टीट लाइट कई इलाकों में रात को जलती नहीं है। नजीराबाद में पानी की टंकी होना चाहिए। जिससे पेयजल की समस्या कई वार्डों की खत्म हो जाएगी।
फहियाद अहमद
सामुदायिक भवन जमीन मिलने के बाद भी नहीं बना है। पार्क के लिए कई बार कहा गया लेकिन नहीं बन पाया है।
जिलालुदीन
नजीराबाद में सरकारी बारात घर नहीं है। कई बार समस्या से अवगत कराया गया है लेकिन सुविधा नहीं की गई है।
आरजू निशा
नजीराबाद में प्रमुख सड़कें खुदी पड़ी है। देखने वाला कोई नहीं है। कहने को सड़क बनवाने बैठक हुई है। लेकिन कुछ भी नहीं हुआ है।
कमरून निशा
नजीराबाद में दो वार्ड जुड़े हुए हैं। लेकिन मूलभूत सुविधाएं नहीं है। हम लोगों के लिए न तो पार्क है और न ही बच्चों के लिए खेल का मैदान है।
अमीना बेगम